कथा विश्राम के साथ सात दिवसीय धार्मिक आयोजन का हुआ भव्य समापन, संत-महात्माओं ने दिया भक्ति और सनातन संस्कृति का संदेश
सिंहताली (व्यासी), कमल शर्मा। हरिद्वार-बदरी विशाल मार्ग स्थित सिंहताली (व्यासी) में ओम गोपाल धाम ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा रस प्रवाह का श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के वातावरण में भव्य समापन हुआ। 27 अक्टूबर से 2 नवंबर 2026 तक आयोजित इस धार्मिक आयोजन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर श्रीमद्भागवत कथा का रसपान किया।
श्रीधाम वृंदावन से पधारे कथा प्रवक्ता श्री वृंदावन दास जी महाराज ने अपनी मधुर वाणी से भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं, भक्ति, प्रेम, धर्म और सदाचार का सुंदर वर्णन कर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर किया। कथा के दौरान उन्होंने श्रीमद्भागवत के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भागवत कथा मनुष्य को जीवन में सद्मार्ग पर चलने, प्रभु के प्रति समर्पण रखने और मानव सेवा के लिए प्रेरित करती है।
कार्यक्रम में पूज्य महंत स्वामी श्री रामचंद्रदास जी महाराज, भावनगर गुजरात की गरिमामयी उपस्थिति रही। वहीं ओम गोपाल धाम ट्रस्ट के संचालक महंत श्री मुरारी शरण जी महाराज ने संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी भक्तों का आभार व्यक्त किया।
कथा विश्राम के अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों के साथ धर्म और भक्ति के इस आयोजन को यादगार बनाया। आयोजन ने क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना, धार्मिक आस्था और सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार का संदेश दिया।
इस अवसर पर संत-महात्माओं ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा जैसे धार्मिक आयोजन समाज में संस्कार, सद्भाव, प्रेम और आध्यात्मिक जागृति को मजबूत करने का कार्य करते हैं।













