गृह मंत्री अमित शाह खुद दिवाली पर प्रदर्शन कर व्यापारियों को कर गए परेशान: अशोक बुवानीवाला
खुद की सरकार, खुद ही लोकतंत्र बचाने के लिए सडक़ों पर उतरे रही भाजपा: अशोक बुवानीवाला
-करनाल व अंबाला में गृह मंत्री के प्रदर्शन पर कांग्रेस नेता का पलटवार
-कहा, सरकार भाजपा की और लोकतंत्र खतरे में बता रहे, यह देश सब देख रहा है
करनाल, 5 नवंबर। कांग्रेस के वरिष्ठ व्यापारी नेता अशोक बुवानीवाला ने करनाल और अंबाला में गृह मंत्री अमित शाह के प्रदर्शन को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अमित शाह कांग्रेस की एक नवंबर की रैली को व्यापारियों के लिए सही नहीं बता रहे थे, लेकिन वे खुद दिल्ली से हरियाणा आकर दिवाली के त्योहार पर प्रदर्शन करके व्यापारियों के लिए परेशानी खड़ी करके गए हैं। 24 घंटे पहले ही बाजारों में सुरक्षा के नाम पर व्यापारियों को परेशान किया गया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की भाजपा को काँग्रेस की एक नवंबर की रैली से परहेज था। व्यापारियों को परेशानी के नाम पर रैली रद्द कराने की बातें कहलवाई जा रही थी। इनकी अपनी रैली क्या जायज है। हकीकत तो यह है कि कांग्रेस की रैली से बोखलाहट में बीजेपी आ गई हे। ये रैली के नाम पर अराजकता फैला रहे हैं। सिक्योरिटी वालों ने 24 घंटे पहले वहां पर शहर को बंधक बनाने जैसा काम किया। अशोक बुवानीवाला ने कहा कि भाजपा का दोहरा चरित्र अब देश के सामने आ गया है। जब कांग्रेस लोकतंत्र बचाने के लिए, वोट चोरी के खिलाफ आवाज उठाती है तो उसे व्यापारियों का नुकसान बताया जाता है, बाजार बंद होने की दुहाई दी जाती है। लेकिन जब भाजपा के बड़े नेता खुद सडक़ों पर उतरकर प्रदर्शन करते हैं, तो क्या उससे त्योहारों के बीच व्यापारियों को कोई परेशानी नहीं होती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की रैली से व्यापारियों को नुकसान और भाजपा के प्रदर्शन से व्यापारियों को फायदा। जनता इस दोहरे मापदंड को अच्छी तरह समझ रही है। करनाल और अंबाला जैसे शहरों में बड़ा प्रदर्शन करके, सडक़ें बंद करके, सुरक्षा के नाम पर रास्ते रोककर व्यापारियों का कितना नुकसान किया गया, इसका अंदाजा शायद भाजपा को नहीं है।
अशोक बुवानीवाला ने कहा कि अमित शाह दिल्ली से चलकर हरियाणा आए और दिवाली के मौके पर प्रदर्शन करके गए। उनके काफिले के कारण अम्बाला व करनाल मे घंटों तक ट्रैफिक जाम रहा। दुकानों के सामने भीड़ लगी रही, ग्राहक बाजार नहीं पहुंच पाए। जो रगड़ी पटरी वाले व्यापारी दिवाली पर थोड़ा मुनाफा कमाना चाहता था, उसका धंधा चौपट हो गया। क्या यही व्यापारी हित है। क्या यही भाजपा का व्यापारियों के प्रति प्रेम है। कांग्रेस नेता ने कहा कि कांग्रेस की एक नवंबर की रैली वोट बचाओ, देश बचाओ अभियान के तहत थी। वह रैली लोकतंत्र को बचाने के लिए थी, किसी एक व्यक्ति या पार्टी के लिए नहीं थी। उस रैली में कांग्रेस ने वोट चोरी के सबूत देश के सामने रखे थे। लेकिन भाजपा को वह रैली हजम नहीं हुई। भाजपा नेताओं ने उसे व्यापारियों के खिलाफ बता दिया। उन्होंने कहा कि अगर लोकतंत्र बचेगा तभी व्यापारी बचेगा, तभी बाजार बचेगा। वोट चोरी करके बनी सरकार व्यापारी का भला नहीं कर सकती।
बुवानीवाला ने आगे कहा कि सबसे बड़ा मजाक तो यह है कि सरकार भाजपा की है। केंद्र में भाजपा की सरकार है, हरियाणा में भाजपा की सरकार है, पुलिस, प्रशासन सब भाजपा के पास है, फिर भी भाजपा नेता कह रहे हैं कि लोकतंत्र खतरे में है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, सरकार आपकी, सिस्टम आपका, फिर लोकतंत्र को खतरा किससे है। क्या आप खुद से ही खतरा बता रहे हैं। यह देश सब देख रहा है। जनता जानती है कि असली खतरा किसको है। उन्होंने कहा कि असल में लोकतंत्र को खतरा भाजपा की सोच से है। जो पार्टी विपक्ष की आवाज को दबाना चाहती है, जो चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं का दुरुपयोग करती है, जो वोटों में हेराफेरी करती है, वही लोकतंत्र के लिए खतरा है। कांग्रेस लोकतंत्र को बचाने के लिए सडक़ पर है और भाजपा लोकतंत्र को खत्म करने के लिए सत्ता का दुरुपयोग कर रही है। बुवानीवाला ने कहा कि कांग्रेस का वोट बचाओ देश बचाओ अभियान अब गांव-गांव तक पहुंचेगा। चौपाल अभियान के माध्यम से हर ग्रामीण को वोट चोरी की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने व्यापारियों से भी अपील की कि वह भाजपा के बहकावे में न आएं। भाजपा सिर्फ बड़े पूंजीपतियों की पार्टी है, छोटे व्यापारी, दुकानदार, रेहड़ी-पटरी वाले का भला सिर्फ कांग्रेस ही कर सकती है













