कमल शर्मा
हरिद्वार। सप्त ऋषि रोड स्थित भागीरथी नगर के प्रसिद्ध प्रभु हरनाथ मंदिर में पीठाधीश्वर परम पूज्य श्री देवानंद सरस्वती जी महाराज के पावन सानिध्य में दिव्य अमृत वचनों को सुनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
अपने ओजस्वी एवं प्रेरणादायी प्रवचनों में श्री देवानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि मनुष्य जीवन का वास्तविक उद्देश्य आत्मकल्याण, सेवा, संस्कार और प्रभु भक्ति है। उन्होंने कहा कि संतों के वचन जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं तथा समाज में प्रेम, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का संचार करते हैं। महाराज श्री के अमृतमय वचनों से पूरा वातावरण भक्तिमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, भक्तों एवं क्षेत्रवासियों ने उपस्थित होकर संत वाणी का श्रवण किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। भजन, सत्संग और आध्यात्मिक चर्चा के बीच श्रद्धालु देर तक प्रभु भक्ति में लीन दिखाई दिए। मंदिर परिसर जयकारों और भक्ति भाव से गुंजायमान रहा।
संत वचन अमृत से सराबोर हुआ वातावरण, प्रभु हरनाथ मंदिर में गूंजे आध्यात्मिक चेतना के दिव्य संदेश



