हरिद्वार (कमल शर्मा)। उत्तराखंड माटी कला बोर्ड में प्रजापति समाज की उपेक्षा और गैर प्रजापति समाज के लोगों को दायित्व सौंपे जाने के विरोध में प्रजापति समाज के विभिन्न संगठनों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रेस क्लब हरिद्वार में आयोजित पत्रकार वार्ता में समाज के प्रतिनिधियों ने सरकार से निर्णय पर तत्काल पुनर्विचार करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि नियुक्तियां निरस्त नहीं की गईं तो आगामी विधानसभा चुनाव में इसका राजनीतिक असर देखने को मिलेगा।
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए राजाराम प्रजापति ने कहा कि माटी कला और मिट्टी से जुड़े कार्य सदियों से प्रजापति समाज का पुश्तैनी व्यवसाय रहे हैं। समाज के लोग इस कला की बारीकियों को भली-भांति समझते हैं, लेकिन इसके बावजूद सरकार ने माटी कला बोर्ड में समाज के बजाय अन्य वर्गों के लोगों को जिम्मेदारी सौंप दी है, जो पूरी तरह अनुचित और समाज के साथ अन्याय है।
उन्होंने कहा कि प्रजापति समाज का बड़ा वर्ग भारतीय जनता पार्टी का समर्थक रहा है, लेकिन समाज की अनदेखी से लोगों में गहरा आक्रोश है। सरकार को अपने निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए वर्तमान नियुक्तियों को निरस्त कर बोर्ड में प्रजापति समाज के योग्य और अनुभवी लोगों को स्थान देना चाहिए।
योगाचार्य डॉ. बबीता प्रजापति ने कहा कि माटी कला बोर्ड में अन्य समाज के लोगों को पदाधिकारी और सदस्य बनाए जाने से कुम्हार एवं प्रजापति समाज के हित प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि समाज जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी मांगों को प्रमुखता से रखेगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समाज के साथ भेदभावपूर्ण नीति किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि उत्तराखंड में प्रजापति समाज की बड़ी आबादी है और कुम्हार व्यवसाय से जुड़े लोगों की राजनीतिक व सामाजिक भागीदारी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सरकार को समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना चाहिए।
पत्रकार वार्ता में बालूराम प्रजापति, पवनदीप प्रजापति, राजेश प्रजापति, मेलाराम प्रजापति सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी सरकार के निर्णय पर कड़ा रोष व्यक्त किया और समाज के अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
माटी कला बोर्ड में गैर प्रजापतियों की नियुक्ति पर भड़का समाज, सरकार को दी चुनावी चेतावनी




