हरिद्वार। अखिल भारतीय ओबीसी महासभा के तत्वावधान में उत्तराखंड ओबीसी महासभा की विशेष बैठक शुक्रवार को जमुना पैलेस स्थित पाल मैंसन में आयोजित की गई। बैठक में ओबीसी छात्रों को आरक्षण से जुड़ी समस्याओं, सामाजिक एकता तथा उनके अधिकारों की रक्षा के लिए सामूहिक संघर्ष की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के मुख्य अतिथि देहरादून से पहुंचे डॉ. सत्यनारायण सचान ने कहा कि उत्तराखंड राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने के बावजूद मूल ओबीसी जातियों को आज भी अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं के समाधान के लिए सभी ओबीसी संगठनों को एक मंच पर आकर तथ्यों के साथ सभी राजनीतिक दलों के समक्ष अपनी बात रखनी होगी। साथ ही सड़क पर लोकतांत्रिक आंदोलन के साथ कानूनी लड़ाई भी मजबूती से लड़ने की आवश्यकता है।
बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ ओबीसी नेता विजय सिंह पाल ने की। इस दौरान प्रजापति समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजाराम प्रजापति, उत्तराखंड पाल समाज के अध्यक्ष ओमपाल, उत्तराखंड ओबीसी महासभा के अध्यक्ष सियाशरण यादव, अनुज पाल, जगपाल पाल, जितेंद्र पाल सिंह, आशीष यादव, राजेश प्रजापति तथा संजय कश्यप सहित अनेक समाज प्रतिनिधियों ने अपने विचार व्यक्त किए।
वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में ओबीसी समाज को उसके अधिकार दिलाने के लिए संगठित प्रयास समय की आवश्यकता है। सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से उत्तराखंड ओबीसी महासभा के बैनर तले प्रदेशभर में संगठन को मजबूत करने तथा ओबीसी परिवारों के शैक्षिक, रोजगार एवं सामाजिक विकास के लिए व्यापक अभियान चलाने का संकल्प लिया।
बैठक का संचालन जगपाल पाल ने किया। अंत में सभी उपस्थित सदस्यों ने समाजहित के मुद्दों पर एकजुट होकर संघर्ष करने और भविष्य में व्यापक जनजागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया।
ओबीसी अधिकारों की लड़ाई को मिला नया संबल, एकजुट होकर संघर्ष का लिया संकल्प









