हरिद्वार (कमल शर्मा)। मायापुर स्थित शिव मूर्ति गली के साईं वसंण शाह दरबार में आयोजित तीन दिवसीय संत-भक्त समागम रविवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हो गया। समापन अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में मत्था टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा सत्संग, भजन-कीर्तन और आध्यात्मिक प्रवचनों का रसपान किया।
समापन समारोह को संबोधित करते हुए प्रातः स्मरणीय परम पूज्य परमतत्त्व स्वरूप गद्दीनशीन साईं कलीराम साहेब ने कहा कि गुरु के बताए मार्ग पर चलकर ही मनुष्य अपने जीवन को सफल, सुखमय और सार्थक बना सकता है। उन्होंने कहा कि गुरु का सान्निध्य मनुष्य को सत्य, सेवा, प्रेम, करुणा और मानवता का संदेश देता है। ईश्वर और गुरु में अटूट विश्वास रखने वाला व्यक्ति जीवन की हर कठिनाई का साहसपूर्वक सामना कर सकता है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से समाज में प्रेम, भाईचारा और सेवा की भावना को बढ़ावा देने का आह्वान करते हुए कहा कि मानव सेवा ही सबसे बड़ी ईश्वर सेवा है। गुरु वाणी को जीवन में आत्मसात कर प्रत्येक व्यक्ति समाज और राष्ट्र के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
तीन दिनों तक चले समागम में सत्संग, गुरु वाणी, भजन-कीर्तन, आध्यात्मिक प्रवचन एवं विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। पूरे दरबार परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालु गुरु महिमा के जयघोष के साथ भावविभोर दिखाई दिए।
समापन अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे एवं प्रसाद वितरण का आयोजन भी किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजकों ने देशभर से आए सभी संत-महात्माओं, श्रद्धालुओं एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
पूज्य साईं परमानंद साहिब जी की पतित-पावन कृपा से संपन्न यह तीन दिवसीय संत-भक्त समागम श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक चेतना, गुरु भक्ति और मानव सेवा का प्रेरणादायी संदेश देकर अविस्मरणीय बन गया।
भक्ति, सत्संग और गुरु महिमा के संग संपन्न हुआ तीन दिवसीय संत-भक्त समागम, गुरु कृपा से भावविभोर हुए हजारों श्रद्धालु









