हरिद्वार/ज्वालापुर। पाण्डेवाला-ज्वालापुर स्थित गुघाल मन्दिर प्रांगण, रघुनाथ मन्दिर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा एवं उत्सव सोमवार को भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास के साथ सम्पन्न हो गया। कथा समापन अवसर पर विशाल महाप्रसाद भण्डारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, संत-महात्माओं एवं क्षेत्रवासियों ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
सप्ताह भर चले इस आध्यात्मिक आयोजन में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।

कथा के दौरान भागवत महात्म्य, धुंधकारी-गोकर्ण कथा, श्री भीष्म उपदेश, परीक्षित उत्पत्ति, श्री शुकदेव चरित्र, श्री वराह कथा, कपिलोपाख्यान, ध्रुव चरित्र, भक्त प्रह्लाद, अजामिल कथा, समुद्र मंथन, वामन अवतार, श्रीराम एवं श्रीकृष्ण जन्म, माखन चोरी लीला, गोवर्धन पूजा, महारास, गोपी-उद्धव संवाद, श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह, द्वारिका लीला एवं सुदामा चरित्र जैसे प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया गया।

कथा में भगवान श्रीकृष्ण की बाल एवं रास लीलाओं का वर्णन सुन श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा व्यास ने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को धर्म, भक्ति और सदाचार की राह दिखाने वाला दिव्य मार्ग है। उन्होंने कहा कि भागवत श्रवण से मनुष्य के जीवन के कष्ट दूर होते हैं और आत्मिक शांति की प्राप्ति होती है।

समापन अवसर पर आयोजित महाप्रसाद भण्डारे में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। आयोजन को सफल बनाने में मुख्य यजमान श्री विशाल जी सिखौला, श्री तुषार जी गौतम, श्री अतुल जी हरितोष, श्री आवेश जी, आयुष जी तुम्बड़िया, श्री त्रिलोक जी हरितोष, श्री कपिल जी हरितोष एवं श्री अजय जी हरितोष का विशेष सहयोग रहा।

इसके अतिरिक्त श्री सुरेन्द्र जी सिखौला, श्री राजेन्द्र जी सिखौला, श्री पुलकित जी सिखौला, श्री धीरज जी लिब्बरहेड़ी, श्री शशांक जी सिखौला, श्री श्रीमोहन अधिकारी जी तथा श्री अंकित जी जोशी सहित समस्त आयोजक मंडल एवं तीर्थ पुरोहित समाज ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कार्यक्रम का आयोजन पंचायती धड़ा फिराहेडियान (1200) रजि. समिति, रघुनाथ सत्संग मण्डल एवं समस्त तीर्थ पुरोहित समाज के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। समापन पर आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।




