हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में आयोजित एक आध्यात्मिक कार्यक्रम में श्री राम नाम विश्व बैंक समिति के अध्यक्ष पंडित सुमित तिवारी ने प्रभु भगवान श्री राम के नाम की महिमा का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि राम का नाम स्वयं में अनंत शक्ति का स्रोत है। उन्होंने कहा कि राम से बड़ा राम का नाम है, क्योंकि नाम जप में वह अद्भुत सामर्थ्य है जो असंभव को भी संभव बना देता है।
पं. तिवारी ने कहा कि प्रभु श्रीराम की उपस्थिति इस चराचर जगत के प्रत्येक कण में अनुभव की जा सकती है। जब भक्त पूर्ण श्रद्धा, निस्वार्थ भाव और समर्पण के साथ राम नाम का जप करता है, तो उसके जीवन के सभी संकट स्वतः समाप्त होने लगते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे ‘राम’ नाम लिखे पत्थर समुद्र में तैरने लगे थे, उसी प्रकार राम नाम का आश्रय लेने वाला व्यक्ति जीवन रूपी कठिन सागर को सहजता से पार कर लेता है।
उन्होंने आगे कहा कि राम नाम केवल अक्षरों का समूह नहीं, बल्कि एक दिव्य आध्यात्मिक सुरक्षा कवच है, जो मनुष्य को काम, क्रोध और लोभ जैसे विकारों से मुक्त कर परम शांति की ओर अग्रसर करता है। राम नाम आदि और अंत दोनों में स्थिर रहने वाला परम सत्य है।
इस अवसर पर अमेरिका से जुड़े श्री धर्मेंद्र गिल, मेरठ से श्री दक्ष पवार, श्री निर्मल लाला, श्री मुकेश शर्मा, श्री कुलदीप अरोड़ा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का वातावरण भक्तिमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत था
राम नाम की महिमा अपार — असंभव को भी संभव बना देता है प्रभु श्रीराम का नाम: पं. सुमित तिवारी



