विजन 2047” की उड़ान: Indian Institute of Technology Roorkee से 61 करोड़ रोजगार का मेगा रोडमैप जारी 🚀

🎓 “रुड़की, 24 अप्रैल 2026। उत्तराखंड के प्रतिष्ठित संस्थान Indian Institute of Technology Roorkee में “विजन 2047: समृद्ध एवं महान भारत 2.0” पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य आगाज़ हुआ। इस मंच पर देश-विदेश के शीर्ष शिक्षाविद, नीति-निर्माता और उद्योग जगत के दिग्गज एकत्र हुए और विकसित भारत के भविष्य की ठोस रणनीति पर मंथन किया।सम्मेलन का सबसे बड़ा आकर्षण रहा 61 करोड़ रोजगार सृजन का प्रामाणिक राष्ट्रीय रोडमैप, जिसने भारत की आर्थिक दिशा को नई ऊर्जा देने का संकेत दिया।🌟 गरिमामयी उद्घाटन, बड़े विजन की शुरुआतमुख्य अतिथि Shiv Pratap Shukla (हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल) की उपस्थिति में कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। मंच पर K. K. Pant, Ajit Chaturvedi सहित कई प्रतिष्ठित शिक्षाविद मौजूद रहे।अपने संबोधन में प्रो. के. के. पंत ने 2047 तक आत्मनिर्भर और नवाचार-आधारित भारत के निर्माण में शिक्षा, उद्योग और शासन के त्रिपक्षीय सहयोग को निर्णायक बताया।💼 रोजगार और नीति पर बड़ा फोकससम्मेलन में राष्ट्रीय रोजगार नीति की झलक पेश की गई, जिसमें भविष्य के कौशल, स्टार्टअप इकोसिस्टम और औद्योगिक विकास के जरिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन पर जोर दिया गया।विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री Jitendra Singh और स्वास्थ्य मंत्री J. P. Nadda ने वर्चुअल संबोधन के जरिए भारत के तकनीकी और स्वास्थ्य क्षेत्र के विस्तार पर प्रकाश डाला।

🏭 तकनीक और नवाचार की कार्यक्रम तकनीक

के दौरान Center for Precision Manufacturing का उद्घाटन किया गया, जो उद्योग और अकादमिक सहयोग का बड़ा उदाहरण है।साथ ही, EV लैब का निरीक्षण और दिव्यांगजनों के लिए विकसित सुलभ गतिशीलता वाहन का प्रदर्शन किया गया—जो समावेशी नवाचार की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल है।🌍 100+ संस्थानों की भागीदारीइस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में 100 से अधिक संस्थानों ने भाग लिया, जहांसमावेशी आर्थिक विकासतकनीकी नवाचारसतत विकासवैश्विक प्रतिस्पर्धाजैसे अहम विषयों पर गहन चर्चा हुई।🚀 स्टार्टअप्स और नवाचार का प्रदर्शनी

सत्र में कई स्टार्टअप्स ने अपनी अत्याधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन किया, जिससे स्पष्ट हुआ कि आत्मनिर्भर भारत का सपना उद्यमिता और नवाचार से ही साकार होगा।🔥 निष्कर्षआईआईटी रुड़की का यह सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि विकसित भारत 2047 की ठोस नींव है। 61 करोड़ रोजगार के रोडमैप और नवाचार आधारित रणनीतियों के साथ भारत अब वैश्विक मंच पर नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ने को तैयार दिख रहा है।

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