हरिद्वार (कमल शर्मा)। कनखल स्थित शिव शक्ति धाम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथा वाचिका राधा प्रिया देवी अदिति जी ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव एवं उनकी दिव्य बाल लीलाओं का अत्यंत भावपूर्ण, संगीतमय और भक्तिरस से ओत-प्रोत वर्णन किया। कथा श्रवण के दौरान श्रद्धालु भक्ति के सागर में डूबते नजर आए और पूरा पंडाल कृष्णमय हो उठा।
भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य का प्रसंग सुनते ही वातावरण “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के गगनभेदी जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालु भक्ति भाव में झूमते हुए भगवान के जन्मोत्सव की खुशी में सराबोर हो गए। कथा वाचिका ने नंदोत्सव, माखन चोरी, कालिया नाग मर्दन और गोवर्धन पूजा जैसी दिव्य लीलाओं का विस्तृत वर्णन करते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी बाल लीलाओं के माध्यम से प्रेम, करुणा, भक्ति और धर्म का अनुपम संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि गोवर्धन लीला केवल एक चमत्कारिक घटना नहीं, बल्कि अहंकार पर श्रद्धा और भक्ति की विजय का प्रतीक है। भगवान ने इंद्र के अभिमान का दमन कर यह संदेश दिया कि सच्चे मन से की गई भक्ति ही जीवन का सबसे बड़ा आधार है। वहीं कालिया नाग मर्दन की कथा से यह शिक्षा मिलती है कि भगवान अपने भक्तों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं और संकट के समय उनका संरक्षण अवश्य करते हैं।
कथा के दौरान भजनों और कृष्ण जन्मोत्सव की झांकियों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। पूरा शिव शक्ति धाम भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों और भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं ने कथा का रसपान कर स्वयं को धन्य अनुभव किया।
“नंद के आनंद भयो” के जयघोष से गूंजा शिव शक्ति धाम, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और बाल लीलाओं ने भक्तों को किया भाव-विभोर




