हरिद्वार में संत परंपरा का भव्य गौरव: स्वामी आदित्यानंद गिरी बने महामंडलेश्वर, वैदिक अनुष्ठानों के बीच हुआ पट्टाभिषेक 🔱

🔥 हरिद्वार। कनखल स्थित हरि गिरी निरंजन आश्रम, संन्यास रोड में बुधवार को संत समाज की गरिमामयी उपस्थिति के बीच एक भव्य पट्टाभिषेक समारोह आयोजित किया गया, जिसमें स्वामी आदित्यानंद गिरी जी महाराज को पंचायती श्री महानिर्वाणी अखाड़े द्वारा महामंडलेश्वर पद पर विधिवत विभूषित किया गया। समारोह वैदिक मंत्रोच्चार, धार्मिक अनुष्ठानों एवं संत-महापुरुषों के आशीर्वचनों के साथ अत्यंत श्रद्धा और आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुआ।
यह पावन आयोजन अनंत विभूषित महामंडलेश्वर 1008 परम पूज्य स्वामी निरंजनानंद गिरी जी महाराज के कृपापात्र शिष्य तथा 1008 महामंडलेश्वर स्वामी देवेंद्र आनंद गिरि जी महाराज की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। पट्टाभिषेक के दौरान आश्रम परिसर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक उत्साह से ओतप्रोत नजर आया।


इस अवसर पर अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं पंचायती श्री महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव श्री महंत रवींद्र पुरी जी महाराज ने कहा कि महामंडलेश्वर पद सनातन धर्म की परंपराओं के संरक्षण और समाज को आध्यात्मिक दिशा देने का एक अत्यंत महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि स्वामी आदित्यानंद गिरी जी महाराज अपने तप, त्याग और सेवा भाव से इस पद की गरिमा को और अधिक ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।


वहीं आचार्य महामंडलेश्वर परम पूज्य स्वामी विशोकानंद भारती जी महाराज ने अपने उद्बोधन में गुरु-शिष्य परंपरा को भारतीय सनातन संस्कृति की आत्मा बताते हुए कहा कि यह अभिषेक संत समाज के लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय है।


समारोह में महामंडलेश्वर स्वामी निरंजनानंद गिरी जी महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी देवेंद्र गिरी महाराज, महामंडलेश्वर जय देवानंद गिरि महाराज, महामंडलेश्वर शारदानंद महाराज, महंत गायत्री गिरी महाराज, महंत सूरज दास महाराज सहित अनेक संत-महापुरुष उपस्थित रहे। सभी ने नवविभूषित महामंडलेश्वर को आशीर्वाद प्रदान किया।
कार्यक्रम के उपरांत आयोजित विशाल भंडारे में संत-महापुरुषों, श्रद्धालुओं एवं अतिथियों ने प्रसाद ग्रहण किया। यह भव्य आयोजन हरिद्वार की संत परंपरा और सनातन संस्कृति की गौरवशाली विरासत को पुनः जीवंत करने वाला रहा।

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