हरिद्वार, 16 अप्रैल 2026।
भोलेनाथ जी की असीम कृपा से श्री श्री भोलानन्द संन्यास आश्रम, भोलागिरि रोड हरिद्वार में संघपिता परमाध्याय परमपूज्यपाद परिब्राजकाचार्य ब्रह्मलीन 1008 श्री श्रीमत् स्वामी भोलानन्द गिरि जी महाराज की 98वीं निर्वाण तिथि (तिरोधान) श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाई गई।
इस पावन अवसर पर आश्रम में विशेष पूजा-पाठ, वेद पारायण, यज्ञ, आरती तथा साधु भंडारे का आयोजन किया गया। संत-महापुरुषों एवं श्रद्धालु भक्तों ने महाराज जी के दिव्य जीवन पर प्रकाश डालते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरा आश्रम भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत नजर आया।

कार्यक्रम के अंतर्गत 16 अप्रैल 2026, बृहस्पतिवार को दोपहर 12 बजे भंडारा एवं प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में संत समाज एवं श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर आश्रम के सेवायेतः श्रीमत् परमहंस परिब्राजकाचार्य श्रोत्रिय ब्रह्मनिष्ठ अनन्त श्री विभूषित महामण्डलेश्वर 1008 श्रीमत् स्वामी तेजसानन्द गिरि जी महाराज ने सभी श्रद्धालुओं से धर्म, सेवा और सनातन संस्कृति के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।

श्री महंत स्वामी वीर गिरी ने कहा कि संतों की परंपरा और उनके आदर्श समाज को आध्यात्मिक दिशा प्रदान करते हैं।
वहीं संत समाज के पूज्य ऋषि आनंद जी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि “स्वामी भोलानन्द गिरि जी महाराज का जीवन त्याग, तपस्या और सेवा का अनुपम उदाहरण रहा है। उनके बताए मार्ग पर चलकर ही हम अपने जीवन को सार्थक बना सकते हैं। ऐसे महान संतों की पुण्यतिथि हमें आत्मचिंतन और आध्यात्मिक उन्नति की प्रेरणा देती है।”



