शहीद भगत सिंह के बलिदान को नमन, जिला आर्य महासम्मेलन में गूंजा देशभक्ति का संदेश
हरिद्वार (कमल शर्मा)। शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह के जन्मोत्सव के अवसर पर 27 सितंबर 2026, रविवार को रूपराज पैलेस, रानीमाजरा, लक्सर रोड, हरिद्वार में जिला आर्य प्रतिनिधि सभा हरिद्वार के तत्वावधान में जिला आर्य महासम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपस्थित आर्यजनों द्वारा श्रद्धांजलि यज्ञ के साथ किया गया। यज्ञ में राष्ट्रभक्ति, वैदिक संस्कृति और शहीदों के प्रति श्रद्धा का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

श्रद्धांजलि यज्ञ में यज्ञ ब्रह्मा के रूप में आर्य निर्मात्री सभा उत्तराखंड के संरक्षक आर्य विजयपाल सिंह तथा आर्य प्रतिनिधि सभा हरिद्वार के उपप्रधान आर्य ऋषिपाल सिंह सैनी रहे। यज्ञमान के रूप में आर्या मीनाक्षी एवं आर्य दिलबाग सिंह, आर्य निर्दोष एवं रूचि, आर्य पुष्पेंद्र एवं प्रियंका तथा मोना सैनी एवं नीरज सैनी, अध्यक्ष शहीद भगत सिंह आदर्श युवा मंच रुड़की, शामिल रहे। राष्ट्रीय प्रार्थना एवं संगठन सूक्त के विशेष वैदिक मंत्रों के साथ सभी आर्यजनों ने आहुतियां प्रदान कर शहीद भगत सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम का आयोजन एवं संचालन जिला आर्य प्रतिनिधि सभा हरिद्वार के प्रधान आर्य हरपाल सिंह सैनी एवं दीपक सैनी, जस्सी स्पोर्ट्स एकेडमी द्वारा किया गया। इसके पश्चात आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तराखंड की संयोजिका डॉ. इंदुबाला की उपस्थिति में ओ३म ध्वजारोहण किया गया। इस अवसर पर आर्य समाज लक्ष्मण चौक से सुषमा आर्या, डॉ. करुणा आर्या, डॉ. संजिल आर्य, ऋषिपाल आर्य, पवन आर्य सहित बड़ी संख्या में आर्यजन उपस्थित रहे।

आर्य समाज के वैदिक भजनोपदेशकों घनश्याम प्रेमी, भूपेंद्र, गौतम, चेतराम एवं मनिता आर्या ने देशभक्ति तथा शहीद भगत सिंह को समर्पित गीत प्रस्तुत कर वातावरण को देशभक्ति से ओतप्रोत कर दिया।
पतंजलि रिसर्च अनुसंधान से डॉ. करुणा आर्या ने अपने संबोधन में शहीद भगत सिंह के जीवन की विभिन्न घटनाओं एवं प्रसंगों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कविताओं के माध्यम से भगत सिंह के योगदान, संघर्ष, समर्पण और देशभक्ति की भावना को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

गौधुली संस्थान, शिवालिक नगर हरिद्वार से आचार्य दिव्य प्रकाश ने जोशीले अंदाज में शहीद भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद और रामप्रसाद बिस्मिल सहित महान क्रांतिकारियों के जीवन प्रसंगों और उनके संदेशों को सामने रखा। उन्होंने कहा कि आज समाज के सामने मौजूद समस्याओं और चुनौतियों के प्रति युवा पीढ़ी को सजग रहने तथा चिंतन-मनन करने की आवश्यकता है। डॉ. संदीप वेदालंकार, प्रधान आर्य वीर दल उत्तराखंड ने भी युवाओं से महान क्रांतिकारियों के आदर्शों का अनुसरण करने का आह्वान किया।

जिला आर्य प्रतिनिधि सभा हरिद्वार के प्रधान आर्य हरपाल सिंह सैनी ने कहा कि शहीद भगत सिंह का जीवन देश के प्रति समर्पण, साहस और त्याग की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य केवल महान क्रांतिकारियों को याद करना नहीं, बल्कि उनके जीवन मूल्यों और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी है।

इस अवसर पर बोलते हुए स्वामी यतीश्वरानंद ने कहा कि युवा पीढ़ी को इतिहास के महान नायकों के संघर्ष को समझकर समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आर्य समाज सदैव वैदिक संस्कृति, राष्ट्रभक्ति, सामाजिक जागरूकता और युवा शक्ति को आगे बढ़ाने के लिए कार्य करता रहा है।

महासम्मेलन में वरिष्ठ भाजपा नेता एवं अरोमा आयुर्वेदिक कॉलेज के चेयरमैन डॉ. विजय सैनी, नगर पंचायत इमलीखेड़ा के चेयरमैन मनोज सैनी तथा पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने भी अपने विचार रखे।
इस अवसर पर विभिन्न आर्य समाजों के प्रधान, मंत्री एवं प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। प्रमुख रूप से टेकचंद सैनी, हरपाल सैनी मानकपुर, रविन्द्र आर्य, सत्यवान आर्य, निर्दोष सैनी, विनीत सचदेव, डॉ. संजिल आर्य, पवन आर्य, सुशील कुमार निर्दोष आर्य, डॉ. पहल सिंह सैनी, सौरभ आर्य,

ऋषिपाल सिंह सुल्तानपुर, नरेश सैनी, नरेन्द्र डुंगरियाल, नीरा आर्या, पनिता मोदी, धीरेन्द्र सिंह आर्य, एडवोकेट जितेंद्र सैनी, लखीराम आर्य, चरण सिंह निरंजनपुर, प्रभात आर्य, आचार्य सुनील शास्त्री, आर्य वीर दल के आचार्य विक्रांत, अमन आर्यवीर, कर्म सिंह, रामभूल सैनी, शिव कुमार शाहपुर, लाल सिंह सैनी सुल्तानपुर, भूपेंद्र आर्य सहित अनेक आर्यजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में वैदिक परंपरा, राष्ट्रभक्ति और शहीदों के प्रति श्रद्धा का संदेश प्रमुख रूप से सामने आया l













