अशोक सिंघल के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प, जन्मशताब्दी समारोह का भव्य समापन


अशोक सिंघल के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प

योगी आदित्यनाथ बोले—अशोक सिंघल ने रामजन्मभूमि आंदोलन को दिया व्यापक स्वरूप, संत श्रीकृष्ण शाह विद्यार्थी जी महाराज ने बताया युगपुरुष
लखनऊ। विश्व हिन्दू परिषद द्वारा श्रद्धेय अशोक सिंघल के जन्मशताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित उत्तर प्रदेश स्तरीय भव्य समारोह का रविवार को लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार स्थित सी.एम.एस. परिसर में गरिमामय वातावरण में समापन हुआ। समारोह में प्रदेशभर से संत-महात्माओं, विहिप पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि तथा विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।


समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धेय अशोक सिंघल के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन को व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा भारतीय संस्कृति, हिंदू समाज और राष्ट्रहित से जुड़े कार्यों के लिए समर्पित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अशोक सिंघल का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और उनके विचारों को समाज तक पहुंचाना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अशोक सिंघल ने कठिन परिस्थितियों में भी अपने संकल्प से समझौता नहीं किया। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन से लेकर सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक जागरण तक उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। जन्मशताब्दी वर्ष उनके जीवन और कार्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण अवसर है।
अशोक सिंघल का जीवन त्याग, तपस्या और राष्ट्रसेवा की मिसाल : संत श्रीकृष्ण शाह विद्यार्थी
समारोह में उपस्थित महामंडलेश्वर संत श्रीकृष्ण शाह विद्यार्थी जी महाराज ने श्रद्धेय अशोक सिंघल को नमन करते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन सनातन संस्कृति, धर्म और राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि अशोक सिंघल केवल एक संगठन के नेता नहीं, बल्कि हिंदू समाज को एकजुट करने वाले ऐसे व्यक्तित्व थे, जिन्होंने अपने त्याग, तपस्या और संघर्ष से समाज में नई चेतना पैदा की।
संत श्रीकृष्ण शाह विद्यार्थी जी महाराज ने कहा कि अशोक सिंघल का जीवन हमें यह संदेश देता है कि दृढ़ संकल्प, संगठन शक्ति और राष्ट्र के प्रति समर्पण से बड़े से बड़े लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उनकी जन्मशताब्दी मनाने का वास्तविक उद्देश्य उनके जीवन और विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना तथा समाजसेवा एवं सांस्कृतिक जागरण के कार्यों को आगे बढ़ाना है।
उन्होंने कहा कि अशोक सिंघल के विचार और उनका संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बने रहेंगे। समाज को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता और राष्ट्रहित के कार्यों में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
पूरे वर्ष होंगे विभिन्न कार्यक्रम
विश्व हिन्दू परिषद की ओर से बताया गया कि अशोक सिंघल की जन्मशताब्दी वर्ष के अंतर्गत पूरे देश में वर्षभर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से उनके जीवन, संघर्ष, सामाजिक कार्यों और सांस्कृतिक योगदान को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
समापन अवसर पर संत समाज, विहिप पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने अशोक सिंघल के आदर्शों और संकल्पों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन श्रद्धेय अशोक सिंघल के जीवन और राष्ट्रसेवा को नमन करते हुए हुआ l

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