उदयपुर(कमल शर्मा)कृष्णा सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित खाटू श्याम कथा के चौथे दिवस श्रद्धालुओं ने बर्बरीक के बाल्यकाल, उनके संस्कार, साधना एवं अद्भुत युद्ध कौशल का भावपूर्ण श्रवण किया।
पूज्य कृष्णा संजय जी महाराज, पीठाधीश्वर मोहन गोकुलधाम, हरिद्वार के पावन सान्निध्य में चल रही कथा में महाराज श्री ने बर्बरीक के जीवन के विभिन्न प्रसंगों का सुंदर वर्णन करते हुए कहा कि बर्बरीक केवल अद्भुत पराक्रम के धनी योद्धा ही नहीं, बल्कि उच्च संस्कार, संयम, भक्ति और धर्मनिष्ठा से युक्त महान चरित्र थे।

महाराज श्री ने बर्बरीक के बाल्यकाल का वर्णन करते हुए बताया कि बचपन से ही उनमें असाधारण तेज, साहस और युद्ध कौशल दिखाई देता था। उन्होंने अपनी शक्ति को अहंकार का माध्यम न बनाकर धर्म और सेवा के लिए समर्पित किया। देवी आराधना एवं कठोर साधना के माध्यम से उन्होंने अद्भुत शक्ति प्राप्त की और अनेक कठिन परिस्थितियों में धर्म की रक्षा की।
कथा के दौरान महाराज श्री ने कहा कि बर्बरीक के जीवन से समाज को यह संदेश मिलता है कि शक्ति के साथ संयम, सामर्थ्य के साथ सेवा और वीरता के साथ विनम्रता आवश्यक है। केवल बलवान होना पर्याप्त नहीं, बल्कि अपनी शक्ति का उपयोग धर्म और लोककल्याण के लिए करना ही सच्ची वीरता है।
कथा के दौरान श्रद्धालु बर्बरीक के जीवन प्रसंगों को सुनकर भावविभोर हो उठे और वातावरण बाबा श्याम के जयकारों से गूंज उठा। महाराज श्री ने सुंदर खाटू श्याम सुधा ज्ञान परीक्षा भी करवाई सभी श्रोताओं के मध्य, सभी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, श्रोताओं ने पहली बार ऐसी परीक्षा का लाभ लिया, महाराज श्री ने परीक्षा के बारे में बताया यह परीक्षा धर्म के लिए एक सिंधु का काम करेगी…
कृष्णा सेवा संस्थान की ओर से श्रद्धालुओं से कथा में अधिक से अधिक संख्या में सहभागी होकर धर्म, भक्ति और संस्कारों का लाभ लेने का आह्वान किया गया। महाराज श्री ने बताया 13 अगस्त 2026 को प्रातः 9:00 बजे से कथा रहेगी और दोपहर 1:00 का भंडारा आप सभी लोग अधिक से अधिक संख्या में पड़कर धर्म लाभ ले










