हरिद्वार (कमल शर्मा)। चंडी चौक स्थित अलकनंदा घाट के समीप भारतीय किसान क्रान्ति यूनियन द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर-2026 में देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे हजारों किसानों ने अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर मंथन किया। शिविर के दौरान किसानों ने सरकार को संबोधित एक ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी प्रमुख मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन व्यापक धरना-प्रदर्शन और आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
राष्ट्रीय चिंतन शिविर को संबोधित करते हुए भारतीय किसान क्रान्ति यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट ऋषि मिश्रा ने कहा कि “देश का किसान आज भी अपनी उपज का उचित मूल्य पाने के लिए संघर्ष कर रहा है। सरकार को किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनकी मांगों को तत्काल पूरा करना चाहिए। यदि किसानों की आवाज को अनसुना किया गया तो संगठन देशव्यापी आंदोलन छेड़ने से पीछे नहीं हटेगा।”
उन्होंने कहा कि किसान राष्ट्र की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन लगातार बढ़ती लागत, प्राकृतिक आपदाओं और बाजार की अनिश्चितताओं के कारण किसान आर्थिक संकट से जूझ रहा है। ऐसे में किसानों को राहत और सुरक्षा प्रदान करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
वहीं प्रदेश संरक्षक बलराम सिंह राठौर ने कहा कि “किसानों के हितों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार को किसानों के लिए ठोस नीति बनाकर उनकी आय बढ़ाने तथा खेती को लाभकारी बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने होंगे। किसान एकजुट है और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने को तैयार है।”
चिंतन शिविर में किसानों ने मुख्य रूप से निम्न मांगें उठाईं—
सभी फसलों पर कानूनी गारंटी के साथ न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) लागू किया जाए।
किसानों के कृषि ऋण पूर्ण रूप से माफ किए जाएं।
गन्ना किसानों का बकाया भुगतान तत्काल किया जाए।
डीजल, बिजली एवं कृषि उपकरणों पर सब्सिडी बढ़ाई जाए।
आवारा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।
फसल बीमा योजना को सरल और पारदर्शी बनाया जाए।
प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।
किसानों के लिए वृद्धावस्था पेंशन एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तार किया जाए।
कृषि उत्पादों की खरीद के लिए मजबूत सरकारी व्यवस्था बनाई जाए।
शिविर में प्रदेश अध्यक्ष धर्मेन्द्र यादव बबलू, राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय महासचिव एडवोकेट नरेश यादव, प्रदेश प्रभारी उत्तराखंड नीरज प्रताप सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रतिनिधि उमेश यादव, राष्ट्रीय प्रतिनिधि मोनिश खान, सलाहकार तेजवीर सिंह सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं हजारों किसान उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान किसानों ने एक स्वर में अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद करते हुए सरकार से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपेक्षा जताई।
“किसानों का हुंकार: मांगें पूरी करो, वरना होगा देशव्यापी आंदोलन” — एडवोकेट ऋषि मिश्रा




