विश्व हृदय दिवस पर मेड्रिक्स हॉस्पिटल में नि:शुल्क हृदय जांच शिविर, विशेषज्ञों ने कहा—समय पर पहचान और जीवनशैली में बदलाव से टल सकता है हृदय रोग का खतरा


हरिद्वार(कमल शर्मा)विश्व हृदय दिवस के अवसर पर Medrix Hospital की ओर से 29 सितंबर को शंकर आश्रम के पास, ज्वालापुर स्थित अस्पताल परिसर में नि:शुल्क हृदय जांच शिविर आयोजित किया गया। शिविर का उद्देश्य लोगों को हृदय रोगों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ समय रहते बीमारी की पहचान और बचाव के उपायों के प्रति प्रेरित करना रहा।
शिविर में मरीजों को हृदय रोग विशेषज्ञ से नि:शुल्क परामर्श, बीपी एवं बीएमआई की जांच, शुगर व कोलेस्ट्रॉल की जांच तथा आहार एवं जीवनशैली संबंधी परामर्श उपलब्ध कराया गया। चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार चुनिंदा मरीजों के लिए ईसीजी की सुविधा भी नि:शुल्क रखी गई। इसके अलावा अस्पताल की ओर से दवाइयों पर 15 प्रतिशत, लैब जांच पर 25 प्रतिशत तथा ईको, टीएमटी और होल्टर जांच पर 25 प्रतिशत की छूट दी गई।


मेड्रिक्स हॉस्पिटल के एमडी डॉ. श्री कृष्णा CK ने कहा कि हृदय को स्वस्थ रखना केवल बीमारी होने के बाद इलाज कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए बचाव और नियमित जांच को जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, तनाव, शारीरिक गतिविधियों की कमी, असंतुलित खान-पान, धूम्रपान, मोटापा, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण कारक हैं। नियमित स्वास्थ्य जांच से जोखिमों की समय रहते पहचान की जा सकती है।


हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राहुल चौहान ने कहा कि सीने में दर्द या दबाव, सांस फूलना, अत्यधिक पसीना आना, असामान्य थकान, चक्कर अथवा दर्द का हाथ, कंधे, पीठ या जबड़े तक पहुंचना जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उन्होंने बताया कि विशेष रूप से मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापे या परिवार में हृदय रोग का इतिहास रखने वाले लोगों को नियमित रूप से चिकित्सकीय सलाह और जांच करानी चाहिए।


उन्होंने कहा कि हृदय रोगों की रोकथाम में खान-पान की महत्वपूर्ण भूमिका है। भोजन में ताजे फल-सब्जियों, साबुत अनाज, दालों और फाइबरयुक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करना चाहिए तथा अत्यधिक नमक, चीनी, तले-भुने और अत्यधिक वसा वाले खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करना चाहिए। इसके साथ ही नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद, तनाव नियंत्रण और धूम्रपान से दूरी हृदय को स्वस्थ रखने में सहायक है।
चिकित्सकों ने कहा कि “रोकथाम, समय पर पहचान और सही उपचार—हृदय को स्वस्थ रखने की मजबूत कड़ी हैं।” विश्व हृदय दिवस पर आयोजित यह शिविर लोगों को अपने हृदय स्वास्थ्य को लेकर सजग रहने और नियमित जांच कराने का संदेश देता है। अस्पताल प्रबंधन ने लोगों से अपील की कि किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करें और आवश्यकता होने पर समय रहते विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लें।

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