46वें सोनीपत जोत महोत्सव में आस्था का उमड़ेगा सैलाब, भव्य शोभायात्रा के साथ मां गंगा को अर्पित होगी महाजोत


हरिद्वार(कमल शर्मा)पतित पावनी मां गंगा की आराधना, सनातन संस्कृति और सामाजिक एकता के संदेश को समर्पित 46वां सोनीपत जोत महोत्सव हरिद्वार में श्रद्धा और भव्यता के साथ आयोजित किया जा रहा है। श्री महाबीर दल (पंजी.) सोनीपत के तत्वावधान में होने वाले इस दो दिवसीय धार्मिक आयोजन में देशभर से श्रद्धालु शामिल होंगे। महोत्सव का मुख्य आकर्षण भव्य सोनीपत जोत शोभायात्रा और मां गंगा को महाजोत का सश्रद्धा अर्पण रहेगा।
महोत्सव का शुभारंभ शनिवार, 22 अगस्त 2026 को श्री मायादेवी मंदिर प्रांगण, जूना अखाड़ा में श्रद्धेय 1008 स्वामी दयानंद ‘यति’ जी महाराज के करकमलों से शाम 3 बजे ध्वजारोहण किया जाएगा। इसके पश्चात शाम 4 बजे 108 दुग्ध कलश यात्रा निकाली जाएगी और मां गंगा का दुग्धाभिषेक किया जाएगा।
शाम 7:30 बजे भक्तिरस से सराबोर संगीतमयी भजन संध्या का आयोजन होगा, जिसमें प्रसिद्ध भजन गायक श्री राजीव शास्त्री अपने सुमधुर भजनों से श्रद्धालुओं को भक्तिभाव में सराबोर करेंगे।
महोत्सव के दूसरे दिन रविवार, 23 अगस्त को प्रातः 6 बजे श्री मायादेवी मंदिर यज्ञशाला में श्री महामाया-महाविद्या यज्ञ आयोजित किया जाएगा। यज्ञ का संचालन आचार्य श्री चंदन पाण्डेय जी, हरिद्वार द्वारा किया जाएगा।
इसके बाद शाम 4 बजे अतिथि सम्मान समारोह तथा शाम 5 बजे भव्य विशाल सोनीपत जोत शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा में श्रद्धा, संस्कृति और सनातन परंपरा की अनुपम झलक देखने को मिलेगी। रात्रि 8 बजे महाजोत को मां गंगा में सश्रद्धा अर्पित किया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार सोनीपत जोत महोत्सव का उद्देश्य श्रावण मास में प्राणी मात्र के कल्याण के लिए मां गंगा की विशेष आराधना करना तथा वरुण देव से कृपा की प्रार्थना करना है। कम वर्षा से सूखे और अत्यधिक वर्षा से बाढ़ जैसी प्राकृतिक परिस्थितियों से जनजीवन की रक्षा के लिए सामूहिक प्रार्थना, दुग्धाभिषेक, भजन संध्या, महामाया महाविद्या यज्ञ, शोभायात्रा और महाजोत अर्पण जैसे धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं।
आयोजन में भगवान श्री हनुमान और भोले शंकर के स्वरूप भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे। हनुमंत स्वरूप चि. सचिन शर्मा, सुपुत्र श्री सुरेंद्र शर्मा तथा भोले शंकर स्वरूप चि. सतीश हसीजा, सुपुत्र श्री खुशी राम हसीजा धारण करेंगे।
आयोजकों ने बताया कि हरिद्वार स्थित श्री मायादेवी मंदिर प्राचीन मायापुरी की आध्यात्मिक पहचान और सिद्धपीठ के रूप में श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। इसी पावन परिसर से आयोजित होने वाला यह महोत्सव मां गंगा की महिमा, सनातन संस्कृति और धार्मिक एकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाएगा।
आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से सहपरिवार एवं इष्ट-मित्रों सहित महोत्सव में शामिल होकर मां गंगा का आशीर्वाद प्राप्त करने और इस भव्य धार्मिक आयोजन की शोभा बढ़ाने का आह्वान किया है। आयोजन समिति ने विश्वास व्यक्त किया कि मारुति नंदन भगवान श्री हनुमान जी की कृपा और मां गंगा का आशीर्वाद समस्त श्रद्धालुओं पर सदैव बना रहेगा।
“जय जय जय जग पावनी, जयति जय गंग
जय शिव जटा निवासिनी, अनुपम तुम तरंग।। ”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *