हरिद्वार(कमल शर्मा)अखिल भारतीय स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति की ओर से आयोजित ‘हर महीने प्रथम रविवार दस बजे दस मिनट स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों शहीदों के नाम’ अभियान के अन्तर्गत देश 22 प्रान्तों के लगभग 320 स्थानों साथ-साथ हरिद्वार में ज्वालापुर स्थित शहीद जगदीश वत्स पार्क में भी जिला अध्यक्ष डाॅ० वेद प्रकाश आर्य, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, अर्जुन सिंह राणा, साहित्यकार एवं चेतना पथ संपादक अरुण कुमार पाठक एवं वीरेन्द्र गहलोत (सदस्य, मार्गदर्शक मंडल) ने संयुक्त रूप से ध्वजारोहण किया तथा राष्ट्र गीत एवं राष्ट्रगान के बाद जगदीश वत्स की मूर्ति पर माल्यार्पण तथा पुष्पांजलि अर्पित की। सभी उपस्थित स्वतंत्रता सेनानी शहीद परिवारों, गणमान्य नागरिकों द्वारा भी पुष्पांजलि अर्पित की गई।
इसके अलावा हरिद्वार जिले में वटवृक्ष सुनहरा (रुड़की), स्वतंत्रता सेनानी स्तम्भ (रुड़की), लक्सर, बहादराबाद में भी कार्यक्रम आयोजित किए गये, जिनमें शहीद स्मारकों, स्थलों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, शहीदों की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि समर्पित करने के साथ ही आजादी के दीवानों की जीवन गाथाएँ सुनाई गईं।
शहीद जगदीश वत्स पार्क में हुए कार्यक्रम के दौरान समिति के सचिव अनुराग सिंह गौतम द्वारा 25 जुलाई को शहीद जगदीश वत्स जी की 101वीं जयन्ती समारोहपूर्वक मनाने की जानकारी दी तथा अरुण कुमार पाठक ने देशभर में हो रहे इन कार्यक्रमों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि, “स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों शहीदों की जीवन गाथाएँ ही नई पीढ़ी को देशभक्ति से अनुप्राणित करेंगी, अतः इन कार्यक्रमों में अधिक से अधिक युवाओं को शामिल करने का प्रयास करना चाहिए।
सुरेश सुयाल ने बताया कि 17 वर्षीय ऋषिकुल के छात्र अमर शहीद जगदीश वत्स की पुण्यतिथि भी देशभक्ति का संचार करती है। पूरे देश में 17 वर्ष की उम्र में गांधीजी के आह्वान पर भारत छोड़ो आन्दोलन में 14 अगस्त को शहीद होने वाले एकमात्र शहीद जगदीश वत्स हैं।” कहा कि “जिस तरह असम सरकार द्वारा शहीद कुशल का जन्म दिवस प्रांतीय स्तर पर मनाती है, उसी तरह उत्तराखण्ड में भी अमर शहीद जगदीश वत्स की पुण्यतिथि व जयन्ती भी प्रान्तीय तथा राष्ट्रीय स्तर पर सरकारी स्तर पर आयोजित हो।
कार्यक्रम में अनुराग सिंह गौतम, आदित्य गहलोत, कैलाश चन्द वैष्णव, आदित्य प्रकाश उपाध्याय, वीरेन्द्र गहलोत, रमेश चन्द गुप्ता, बी एस बुटोला, प्रमेश चौधरी, जोगिन्द्र तनेजा, अजय सरोज, श्रीमती मंजू लता भारती प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
शहीदों की गाथाएँ युवाओं में देशभक्ति अनुप्रमाणित करेंगी-अरुण पाठक





