हरिद्वार, (कमल शर्मा)
समाज में जागरूकता और बदलाव की दिशा में कार्य कर रही पहली पहल एजुकेशनल सोसायटी द्वारा महिलाओं और बेटियों के स्वास्थ्य व सम्मान से जुड़े महत्वपूर्ण विषय मासिक धर्म स्वच्छता पर एक सराहनीय पहल की गई है। संस्था ने “पैड बैंक” की शुरुआत कर उन महिलाओं और किशोरियों तक मुफ्त सैनिटरी पैड पहुंचाने का अभियान शुरू किया है, जो आर्थिक या सामाजिक कारणों से अब तक असुविधाओं का सामना करती रही हैं।
संस्था की इस पहल का उद्देश्य यह है कि कोई भी बेटी या महिला मजबूरी में अस्वच्छ कपड़ों का इस्तेमाल न करे और मासिक धर्म से जुड़ी झिझक व चुप्पी को तोड़कर समाज में खुलकर इस विषय पर चर्चा हो। संस्था की टीम घरों में काम करने वाली महिलाओं और किशोरियों को न केवल मुफ्त सैनिटरी पैड उपलब्ध करा रही है, बल्कि उन्हें मासिक धर्म स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूक कर रही है।
पहली पहल एजुकेशनल सोसायटी शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने के साथ-साथ समाज में स्वास्थ्य, सम्मान और जागरूकता की नई सोच को भी आगे बढ़ा रही है। संस्था का मानना है कि एक एनजीओ केवल शिक्षा ही नहीं देता, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की जिम्मेदारी भी निभाता है।

आगामी कार्यक्रम की जानकारी देते हुए संस्था की पदाधिकारी नीतू सिंह ने बताया कि इसी क्रम में संस्था द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें समाज में उल्लेखनीय कार्य करने वाली कई महिला हस्तियों को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में “नारी शक्ति का घर से आसमान तक का सफर” विषय पर चर्चा भी होगी और समाज में प्रेरणादायक कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मान चित्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शहर की मेयर किरण जैसल उपस्थित रहेंगी। इसके साथ ही उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की भूतपूर्व पहली महिला अध्यक्ष संतोष चौहान, राज्य महिला आयोग की सदस्य कमला जोशी, शहर के डॉक्टर, वकील, समाजसेवी और शिक्षक भी कार्यक्रम में शामिल होकर नारी सशक्तिकरण के इस अभियान को मजबूती देंगे।
संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य महिलाओं के स्वास्थ्य, सम्मान और आत्मविश्वास को बढ़ावा देना है, ताकि समाज में जागरूकता के साथ-साथ सकारात्मक बदलाव की नई मिसाल कायम हो सके।
