हरिद्वार(कमल शर्मा)24 अगस्त। 116वां श्री मुलतान ज्योत महोत्सव रविवार को हरिद्वार में श्रद्धा, आस्था और उल्लास के अद्भुत संगम के बीच भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। महोत्सव में देशभर से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं के कारण हरिद्वार का गंगा तट आस्था के जनसैलाब में बदल गया। हरकी पैड़ी सहित गंगा घाटों पर पैर रखने तक की जगह नहीं थी। पूरे शहर में दिन में होली और रात में दीवाली जैसा पवित्र एवं उत्साहपूर्ण वातावरण दिखाई दिया।
श्री मुलतान ज्योत सभा के अध्यक्ष ओमप्रकाश अरोड़ा तथा अखिल भारतीय मुलतान युवा संगठन के अध्यक्ष डॉ. महेन्द्र नागपाल (पूर्व विधायक) ने संयुक्त वक्तव्य में बताया कि महोत्सव को लेकर हरिद्वार नगरी को भव्य रूप से सजाया गया था। आकर्षक विद्युत सज्जा, विशाल तोरण द्वार, पुष्पवर्षा, आतिशबाजी और शोभायात्रा के भव्य स्वागत ने पूरे वातावरण को दिव्य बना दिया। आधुनिक तकनीक से तैयार की गई विशाल ज्योत विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
शोभायात्रा के मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। महिलाओं ने सत्संग किया, वहीं अनेक स्थानों पर हवन, सुंदरकांड पाठ और प्रसाद वितरण के आयोजन हुए। श्रद्धालुओं ने मां गंगा का दुग्धाभिषेक कर विधिवत पूजा-अर्चना की और विशेष ज्योत गंगा मैया को अर्पित की। श्रद्धालुओं ने छोटी-छोटी पवित्र ज्योतियां गंगा में प्रवाहित करते हुए अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना की।
महोत्सव के दौरान पिचकारियों में दूध भरकर श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे के साथ होली खेली और गंगा मैया के जयघोष से वातावरण गुंजायमान कर दिया। देश के विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं के साथ हर समाज के लोगों की सहभागिता ने आयोजन को सामाजिक सौहार्द एवं सांस्कृतिक एकता का स्वरूप प्रदान किया।
देशभर के गणमान्य अतिथियों ने बढ़ाई महोत्सव की शोभा
महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. जगदीश मुखी, पूर्व राज्यपाल असम, भाजपा के महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद तरुण चुघ, भाजपा दिल्ली प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, सांसद बांसुरी स्वराज, उत्तराखंड सरकार के मंत्री मदन कौशिक, संजय तलवार (बाबा), टीवी कलाकार अमर वाल्मीकि तथा कलाकार शेख रईस करीम सहित अनेक गणमान्य लोगों ने सहभागिता की।
1911 से चली आ रही है ज्योत अर्पण की परंपरा
डॉ. महेन्द्र नागपाल ने बताया कि श्री मुलतान ज्योत महोत्सव की परंपरा वर्ष 1911 में भक्त रूप चंद द्वारा शुरू की गई थी। उन्होंने पाकिस्तान के मुलतान से हरिद्वार पहुंचकर समाज में भाईचारे, शांति और सद्भाव की कामना से मां गंगा को ज्योत अर्पित की थी। तभी से यह परंपरा निरंतर आगे बढ़ रही है और प्रत्येक वर्ष इसे और अधिक भव्य स्वरूप में मनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न प्रांतों के साथ ही पाकिस्तान में बसे मुलतान से भी श्रद्धालु इस ऐतिहासिक एवं धार्मिक परंपरा में शामिल होने पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या इस पर्व के प्रति उनकी गहरी आस्था का प्रमाण है।
मुलतान से ज्योत लाने का लिया संकल्प
महोत्सव के समापन अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं ने संकल्प लिया कि वे आगामी समय में मुलतान (अब पाकिस्तान) से ज्योत लेकर हरिद्वार आएंगे और इस ऐतिहासिक परंपरा को आने वाली पीढ़ियों तक आगे बढ़ाएंगे। 116वां श्री मुलतान ज्योत महोत्सव धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक विरासत का संदेश देकर श्रद्धा एवं उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ।
116वां श्री मुलतान ज्योत महोत्सव भव्यता के साथ सम्पन्न, हरिद्वार में उमड़ा आस्था का सैलाब,दिन में होली, रात में दीवाली जैसा रहा माहौल; लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में प्रवाहित की पवित्र ज्योत













