हरिद्वार। जनहित झंग सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित 43वां सावन ज्योत महोत्सव रविवार को श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। दो दिवसीय महोत्सव के समापन अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके बाद विधि-विधान के साथ सावन ज्योत का गंगा में विसर्जन किया गया।

दरबार मूला संत गौसाईं आश्रम, भीमगौंडा के सामने आयोजित महोत्सव के दौरान 22 अगस्त को माता की चौकी तथा 23 अगस्त को श्री सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। धार्मिक कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की और भक्ति में लीन होकर मंगलकामना की।
समापन अवसर पर झूलेलाल जी की भव्य झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालु भजनों एवं जयकारों के साथ आगे बढ़े। शाम को गंगा तट पर पहुंचकर सावन ज्योत का विधिवत विसर्जन किया गया। इस दौरान हर-हर गंगे के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
महोत्सव के दौरान राहुल असीजा जी, पवन असीजा जी, विकास तनेजा, प्रीतम लाल जी एवं बाबूलाल शर्मा जी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे और कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

महोत्सव के यजमान पारस आहुजा एवं चिराग आहुजा (हिसार वाले) रहे। आयोजन में संस्थापक एवं प्रेरणास्रोत स्वर्गीय श्री राम प्रकाश कवातड़ा, स्वर्गीय श्री नन्दलाल असीजा एवं स्वर्गीय श्री लवली आहुजा को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया।
कार्यक्रम महंत सूरज प्रकाश वरिष्ठ के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। आयोजकों ने महोत्सव को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, सेवकों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। सोनू कवातड़ा एवं पुनीत असीजा सहित जनहित झंग सेवा समिति के सदस्यों ने कहा कि सावन ज्योत महोत्सव आस्था, सेवा, सामाजिक एकता और सनातन परंपराओं को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
हर-हर गंगे के जयघोष के साथ 43वें सावन ज्योत महोत्सव का भव्य समापन हुआ।













