हरिद्वार (कमल शर्मा)। जयराम आश्रम के तत्वावधान में जय श्री हनुमते सेवा समिति द्वारा 33वां जोत महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के साथ आयोजित किया गया। महोत्सव में हरियाणा के सोनीपत से बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे और पावन जोत महोत्सव में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। करीब 200 श्रद्धालुओं ने जयराम आश्रम में ठहरकर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया तथा मां गंगा के पावन तट पर जोत का विधिवत विसर्जन किया।
महोत्सव के अवसर पर समिति के अध्यक्ष ईश्वर सपरा ने कहा कि जोत महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि श्रद्धा, आस्था और सनातन परंपरा को आगे बढ़ाने का माध्यम है। जोत को प्रकाश, पवित्रता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक बताते हुए उन्होंने कहा कि श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ जोत को लेकर हरिद्वार पहुंचते हैं और मां गंगा के पावन जल में विधि-विधान के साथ इसका विसर्जन करते हैं। उन्होंने कहा कि गंगा में जोत का विसर्जन भक्त और भगवान के बीच आस्था के पवित्र भाव को और मजबूत करता है।
अशोक कुमार ने कहा कि सोनीपत से हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु जोत महोत्सव में शामिल होने हरिद्वार पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन लोगों को अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ आपसी भाईचारे और एकता का संदेश भी देता है।
बंसीलाल खेड़ा ने कहा कि जोत महोत्सव में शामिल होकर श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति और आत्मिक संतोष की अनुभूति होती है। उन्होंने कहा कि मां गंगा के सानिध्य में जोत का विसर्जन करना श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत भावुक और पुण्यदायी क्षण होता है।
वहीं धर्मपाल जावा ने कहा कि जय श्री हनुमते सेवा समिति द्वारा पिछले 33 वर्षों से जोत महोत्सव की परंपरा को निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में सोनीपत सहित आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ पहुंचते हैं और महोत्सव को सफल बनाने में अपना योगदान देते हैं।
महोत्सव में सोनीपत, हरियाणा से आए करीब 200 श्रद्धालुओं की सहभागिता ने आयोजन को विशेष बना दिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान जय श्री हनुमान के जयघोष और भक्ति भाव से वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने मां गंगा की पूजा-अर्चना कर परिवार, समाज और देश की सुख-समृद्धि की कामना की। अंत में विधिवत पूजा-अर्चना के बाद पावन जोत को मां गंगा में विसर्जित किया गया।
33वें जोत महोत्सव में गूंजा जय श्री हनुमान का जयघोष, सोनीपत से पहुंचे 200 श्रद्धालुओं ने गंगा में विसर्जित की पावन जोत













