हरिद्वार में भक्तिमय माहौल में संपन्न हुई भगवान श्री चित्रगुप्त जी की कथा, गंगा आरती में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार के भूपतवाला स्थित चित्रकूट आश्रम के सामने गंगा तट पर अखिल भारतीय कायस्थ महासभा उत्तराखंड की ओर से आयोजित भगवान श्री चित्रगुप्त जी की कथा एवं गंगा आरती महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। धार्मिक आयोजन में देशभर से पहुंचे श्रद्धालुओं एवं कायस्थ समाज के लोगों ने भाग लेकर धर्मलाभ अर्जित किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दोपहर तीन बजे भजन-कीर्तन के साथ हुआ। भजनों की मधुर प्रस्तुतियों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। इसके पश्चात शाम पांच बजे गंगा तट पर मां गंगा की भव्य आरती की गई। श्रद्धालुओं ने मां गंगा की आरती में शामिल होकर सुख-समृद्धि एवं लोककल्याण की कामना की।
शाम सात बजे चित्रकूट आश्रम में चित्रगुप्त पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद जी महाराज के श्रीमुख से भगवान श्री चित्रगुप्त जी की कथा का शुभारंभ हुआ। कथा के दौरान भगवान श्री चित्रगुप्त जी की महिमा, उनके आध्यात्मिक स्वरूप और मानव जीवन में धर्म, कर्म एवं सदाचार के महत्व का वर्णन किया गया। श्रद्धालु देर रात तक कथा श्रवण कर भक्ति भाव में लीन रहे। कथा के उपरांत चित्रकूट घाट पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
धर्म के साथ स्वास्थ्य सेवा का भी दिया संदेश
महोत्सव के अवसर पर चित्रकूट आश्रम में स्वास्थ्य शिविर भी लगाया गया। शिविर में लोगों के स्वास्थ्य का परीक्षण करने के साथ रक्त की जांच की गई तथा जरूरतमंदों को निशुल्क दवाइयां वितरित की गईं। महासभा की इस पहल की लोगों ने सराहना की। धार्मिक आयोजन के साथ स्वास्थ्य सेवा को जोड़कर समाजहित का संदेश दिया गया।
अखिल भारतीय कायस्थ महासभा उत्तराखंड के प्रदेश संगठन मंत्री सुशील सक्सेना ने आयोजन में सहयोग करने वाले सभी संत-महात्माओं, श्रद्धालुओं एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्री चित्रगुप्त जी की कथा की यह परंपरा समाज में धार्मिक चेतना, एकता और संस्कारों को मजबूत करने का माध्यम बन रही है।













