सब-जूनियर से सीनियर, डुएट एवं ग्रुप डांस तक प्रतिभाओं ने मंच पर मचाई धूम; प्रत्येक श्रेणी में चार प्रतिभागियों को मिला सम्मान, अतिथियों ने की आयोजन की सराहना
हरिद्वार। भेल फाउंड्री गेट के सामने धीरवाली रोड पर आयोजित भागीरथ महोत्सव मेला 3.0 का भव्य सांस्कृतिक मंच उस समय उत्साह, उमंग और तालियों की गूंज से सराबोर हो उठा, जब हरिद्वार के नन्हे-मुन्ने एवं युवा कलाकारों ने अपनी मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया। रंग-बिरंगी प्रस्तुतियों, शानदार कोरियोग्राफी, आकर्षक भाव-भंगिमाओं और कलाकारों के अद्भुत आत्मविश्वास ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। बाल कलाकारों की प्रतिभा और ऊर्जा ने ऐसा समां बांधा कि दर्शक बार-बार तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन करते नजर आए।
भागीरथ महोत्सव मेला के सांस्कृतिक मंच पर आयोजित इस भव्य डांसिंग प्रतियोगिता में सब-जूनियर, जूनियर, सीनियर, डुएट एवं ग्रुप डांस सहित पांच श्रेणियों में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक अपनी प्रस्तुतियां दीं। प्रत्येक कलाकार ने अपनी नृत्य प्रतिभा, रचनात्मकता, लय-ताल और मंचीय कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन कर निर्णायक मंडल एवं दर्शकों को प्रभावित किया। प्रतियोगिता की प्रत्येक श्रेणी में चार प्रतिभागियों को विजेता एवं विशेष पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। इस आयोजन ने उभरती हुई प्रतिभाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने और बड़े मंच पर अपनी पहचान बनाने का सुनहरा अवसर प्रदान किया।
प्रतियोगिता के परिणामों में सब-जूनियर श्रेणी में प्रथम स्थान अर्नव नेगी, द्वितीय भावना, तृतीय देवंश तथा चतुर्थ स्थान दक्ष जिंदल ने प्राप्त किया।
जूनियर श्रेणी में प्रथम स्थान सिमरन नेगी, द्वितीय आराध्या राणा, तृतीय हर्षिता धीमान तथा चतुर्थ स्थान आरोही ने हासिल किया।
सीनियर श्रेणी में मानव शर्मा एवं सतेंद्र शर्मा को विशिष्ट पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
डुएट डांस श्रेणी में हर्षिता धीमान एवं आरोही नेगी की जोड़ी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। अर्नव एवं ईशिना द्वितीय तथा रवि एवं अनुराग तृतीय स्थान पर रहे।
वहीं ग्रुप डांस श्रेणी में अंशिका डांस ग्रुप, ए डायरेक्शन ग्रुप तथा प्रियंका नायक डांस ग्रुप को उनकी उत्कृष्ट सामूहिक प्रस्तुतियों के लिए विशिष्ट पुरस्कार प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं समाजसेवी श्री रोहन सहगल उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में संस्कार भारती मातृ शक्ति विंग की सभी पदाधिकारियों के साथ ही नेशनल यूनियन ऑफओ जर्नलिस्ट्स, उत्तराखंड के निवर्तमान अध्यक्ष श्री विकास झा तथा सखी बनता मिथिला ग्रुप की श्रीमती रश्मि झा ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
प्रतियोगिता के निष्पक्ष एवं उत्कृष्ट मूल्यांकन के लिए निर्णायक मंडल में पतंजलि विश्वविद्यालय की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अल्का गिरी तथा सुरभि म्यूजिकल एंड डांस इंस्टीट्यूट, देहरादून की डायरेक्टर श्रीमती संध्या जोशी शामिल रहीं। दोनों निर्णायकों ने प्रतिभागियों की नृत्य शैली, भावाभिव्यक्ति, लय-ताल, प्रस्तुति एवं मंचीय आत्मविश्वास के विभिन्न पहलुओं के आधार पर मूल्यांकन किया।
भागीरथ महोत्सव मेला आयोजन समिति की ओर से सभी सम्मानित अतिथियों एवं निर्णायक मंडल का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
अतिथियों ने बाल कलाकारों की उत्कृष्ट प्रस्तुतियों की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि बच्चों में असीमित प्रतिभा और रचनात्मक ऊर्जा होती है। आवश्यकता केवल उन्हें उचित अवसर, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन देने की है। इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन न केवल बच्चों के आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयां प्रदान करते हैं, बल्कि उनमें अनुशासन, सृजनात्मकता, सामूहिकता और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति अनुराग भी विकसित करते हैं।
उन्होंने भागीरथ जन कल्याण सेवा समिति की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि भागीरथ महोत्सव मेला मनोरंजन और उत्सव का माध्यम होने के साथ-साथ सामाजिक सहभागिता, सांस्कृतिक चेतना, लोक परंपराओं के संरक्षण तथा स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का एक सशक्त मंच बनकर उभर रहा है।
मेले के सांस्कृतिक मंच पर आगामी दिनों में भी दर्शकों के लिए आकर्षक एवं मनोरंजक कार्यक्रमों की श्रृंखला जारी रहेगी। आगामी 1 नवंबर को ममता भारद्वाज की विशेष प्रस्तुति होगी। वहीं 3 नवंबर को आयोजित होने वाली भोजपुरी नाइट में सुप्रसिद्ध गायिका राधा श्रीवास्तव अपनी शानदार प्रस्तुति देंगी। इसके अतिरिक्त उत्तराखंड की लोक संस्कृति और पहाड़ी संगीत की मधुर छटा बिखेरने के लिए पहाड़ी गायक अमित खरे एवं मंजू नौटियाल भी अपनी सुमधुर प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे।
प्रतियोगिता के सफल, सुव्यवस्थित आयोजन में सांस्कृतिक टीम के सदस्यों रविंद्र प्रताप यादव, विकास कुचेरिया, राजीव शर्मा एवं संतोष कुमार साहू का विशेष योगदान रहा। टीम के समर्पित प्रयासों से कार्यक्रम को भव्यता एवं व्यवस्थित स्वरूप प्रदान किया गया।
अंत में समिति के अध्यक्ष श्री मनोज यादव ने सभी प्रतिभागी बच्चों, उनके कला गुरुओं, अभिभावकों, निर्णायक मंडल, अतिथियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने हरिद्वार के समस्त नागरिकों से अपील की कि वे भागीरथ महोत्सव मेला 3.0 के आगामी सांस्कृतिक एवं मनोरंजक कार्यक्रमों में सपरिवार सहभागिता कर कलाकारों का उत्साहवर्धन करें तथा मेले की सांस्कृतिक छटा और उत्सवी आनंद का भरपूर लाभ उठाएं।
भागीरथ महोत्सव का संदेश स्पष्ट है—प्रतिभा को मंच, कला को सम्मान और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प!













