सदन के जड़ों की हो जांच
1 :-मातृ सदन के पूज्य स्वामी जी महाराज ने 2014 तक कांग्रेस की केंद्र सरकार का वर्धवस्त प्राप्त करके नदियों से जुड़े एवं खनन के सभी परियोजनाओं से अवैध उगाई की और पूरे देश भर में अर्बन नक्सलवाद को इन्होंने घोषित किया यह मेरा आरोप है सरकार इसकी जांच करें जैसे यह आरोप लगाते हैं ऐसे में भी लग रहा हूं सरकार में आंदोलन के नाम पर अवैध गई करी इसकी जांच हो
2:-आंदोलन की आड़ में जहां तक मुझे जानकारी है इन्होंने एक युवा संत और युवा साध्वी की हत्या करवाई हे
3:-साध्वी के साथ विवाद भी जुड़ा रहा जब 2019 में 2020 में अस्पताल में भर्ती थी तो उनके गर्भवती होने की भी अखबारों में खबर छपी फिर उन्हीं अखबारों में जब वह अस्पताल से आश्रम आती है तो आश्रम के माध्यम से जो खबर छपी है 100 करोड़ की नोटिस दी गई ये तो बाबा के तिलस्मी कारनामे है यह अखबारों की कटिंग कह रही हैअब बात आती है खनन की तो आश्रम तो मिट्टी का भी बन सकता है टीन का भी बन सकता है घास फूस का भी बन सकता है तो मातृ सदन आश्रम में सीमेंट के पक्के मकान क्यों हैं आप तो रहे पक्के मकान में और जनता रहे घास फूस के मकान मेंआम जनता डरती है खनन एक ऐसा कार्य है जहां विवाद उठते ही काम बंद हो जाता है ऐसा तो नहीं की काम चालू होते ही बाबा को मोटे पैसे तो नहीं मिलते हैं
4:- अगर यह गंगा मैया के हितेषी हैं बिहार में जाकर क्यों नहीं काम करते हैं वहां गंगा मैया की सबसे ज्यादा दुर्दशा है
5:- इनके पास इतने साधन कहां से आते हैं सेशन कोर्ट हाई कोर्ट सुप्रीम कोर्ट प्रशासन में इनका तंत्र का तुरंत बोलबाला हो जाता है यह जांच का विषय होना चाहिए कि एक आम व्यक्ति सामान्य से एक केस में दम तोड़ देता है और उनके पास इसके लिए इतने संसाधनों का बैकअप कौन दे रहा है क्यों दे रहा है और किस लिए दे रहा है कहीं इनका मंसूबाह राज्य को अस्थिर करना तो नहीं है वैसे ही जैसे आंदोलन के नाम पर युवा साधु और साध्वी की बलि चढ़ा दी
6:-हरिद्वार में आंदोलन कहीं इसलिए तो नहीं कि यह अंतरराष्ट्रीय स्थल है और यहां किया गया आंदोलन अंतरराष्ट्रीय पहचान बनेगा फिर अंतरराष्ट्रीय चंदा करने में सहयोग मिलेगा
7:- मेरी मीडिया के माध्यम से मांग है प्रशासन से की 2004 से 2014 तक कौन-कौन इसके संपर्क में था कौन-कौन इसे मिला और कहां-कहां से इन्हें पैसे मिले चंद के रूप में और 2014 से अब तक वहीं जांच दोबारा हो की 2014 से अब तक वहीं जांच दोबारा हो यानी दो चरणों में इनकी जांच होइनके आय और खर्च का मिलान हो कही ये अंतराष्ट्रीय सरगना से मिलकर समाज ओर राष्ट्र को अस्थिर तो करना नहीं चाहते
8:- स्वामी जी गृहस्थ है सन्यासी है समाजसेवी है यह भी यह स्पष्ट घोषणा करें मैं घोषणा कर रहा हूं कि मैं गृहस्थ सन्यासी हूं जो कि मुझे जगद्गुरु शंकराचार्य अनन्ता नंद सरस्वती जी महाराज राजगुरु मठ काशी के आशीर्वाद से महामंडलेश्वर पद का आशीर्वाद मिला










