लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए INDIA गठबंधन का शक्ति प्रदर्शन, रामलीला मैदान में गूंजा ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ का नारा

राहुल गांधी और खड़गे ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल, तेलूराम प्रधान बोले—हर नागरिक के वोट की सुरक्षा सुनिश्चित हो

नई दिल्ली। INDIA गठबंधन की ओर से दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली का आयोजन किया गया। महारैली में कांग्रेस सहित विभिन्न विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर चुनावी पारदर्शिता, मतदाता सूची के पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी आवाज बुलंद की। रैली के माध्यम से विपक्षी दलों ने लोकतंत्र और मतदान के अधिकार की रक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।


महारैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस नेता ममता बनर्जी और राजद नेता तेजस्वी यादव सहित कई प्रमुख विपक्षी नेता शामिल हुए। नेताओं ने एकजुटता प्रदर्शित करते हुए केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद मतदाता सूची से करीब साढ़े 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए मतदाता सूची में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर ईडी और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से विपक्षी नेताओं को डराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगा।

इस अवसर पर उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश महासचिव तेलूराम प्रधान ने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत जनता का वोट है। प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार मिलना चाहिए और किसी भी व्यक्ति का नाम बिना उचित प्रक्रिया के मतदाता सूची से नहीं हटाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसकी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता तथा निष्पक्षता का होना बेहद जरूरी है


तेलूराम प्रधान ने कहा कि कांग्रेस पार्टी संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा संघर्ष करती रही है। मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की शिकायत सामने आने पर उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि जनता का लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास बना रहे। उन्होंने कहा कि ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ का संदेश प्रत्येक नागरिक को अपने मताधिकार के प्रति जागरूक करने वाला है।


महारैली को देखते हुए रामलीला मैदान और आसपास के क्षेत्रों में दिल्ली पुलिस की ओर से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा और सुरक्षा के मद्देनजर विभिन्न स्थानों पर बैरिकेडिंग भी की गई। रैली में विपक्षी नेताओं ने एकजुट होकर चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *