हरिद्वार (कमल शर्मा)। दशनाम आश्रम, भूपतवाला, हरिद्वार में लटियाल माता सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा एवं गंगा स्नान महोत्सव के चौथे दिन श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो उठे। कथा व्यास वाचिका तारा देवी ने भगवान विष्णु के वामन अवतार, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव तथा नंदोत्सव के दिव्य प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन करते हुए उपस्थित श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और सदाचार का संदेश दिया।

कथा के दौरान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और नंदोत्सव के प्रसंग पर पूरा पंडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन के साथ भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की आनंदमयी झांकी का रसास्वादन किया। इस अवसर पर कथा के मुख्य यजमान श्री नवरत्न दवे ने कहा कि “श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मानव जीवन को सत्य, सेवा, संस्कार और सद्भावना की दिशा प्रदान करने वाला दिव्य माध्यम है। कथा श्रवण से मन को शांति और आत्मा को आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है। हमें अपने व्यस्त जीवन में भी धर्म और संस्कारों से जुड़े रहना चाहिए।”
उन्होंने लटियाल माता सेवा समिति द्वारा आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का कार्य करते हैं।
कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, महिलाओं एवं युवाओं ने उपस्थित होकर भगवान की लीलाओं का श्रवण किया और धर्म लाभ प्राप्त किया। पूरा आश्रम परिसर भक्तिमय वातावरण और जयघोषों से गुंजायमान रहा।





