🔱 हरिद्वार के पावन चंडीघाट, गंगा तट पर आदि शक्ति गौ रक्षा अखाड़ा द्वारा एक ऐतिहासिक एवं भव्य पट्टाभिषेक समारोह का आयोजन सम्पन्न हुआ। इस दिव्य अवसर पर
परमाराध्य परमधर्माधीश ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्री: अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वतीजी “१००८” मुख्य अतिथि के रूप में पधारे।
गंगा साक्षी में वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य एक अत्यंत महत्वपूर्ण क्षण तब आया जब पूज्य शंकराचार्य जी ने अखाड़े के नव नियुक्त महामंडलेश्वरों को गौ माता की रक्षा हेतु संकल्प दिलाया। सभी संतों ने एक स्वर में यह प्रतिज्ञा ली कि वे जीवन पर्यन्त गौ रक्षा, सनातन धर्म के उत्थान एवं राष्ट्र सेवा के लिए कार्य करेंगे।
🔱 शंकराचार्य जी का विस्तृत वक्तव्य
अपने आशीर्वचन में पूज्य शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा—
“गौ माता केवल एक जीव नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति की आत्मा हैं। उनकी रक्षा करना हर सनातनी का परम कर्तव्य है। आज आवश्यकता है कि संत समाज संगठित होकर चतुरंगिनी सेना के माध्यम से धर्म और गौ रक्षा के इस अभियान को पूरे देश में सशक्त रूप से आगे बढ़ाए। जब तक समाज जागृत नहीं होगा, तब तक धर्म की पूर्ण स्थापना संभव नहीं है।”
उन्होंने आगे कहा कि—
“यह संकल्प केवल शब्द नहीं, बल्कि एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन का प्रारंभ है, जिसमें प्रत्येक संत और साधक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।”
🔱 वरिष्ठ महामंडलेश्वर के वक्तव्य
🔸 स्वामी दीपकेश्वरानंद जी महाराज
“गौ सेवा ही सच्ची सेवा है, और यह कार्य अब हर घर तक पहुंचाना हमारा संकल्प है।”
🔸 स्वामी कैलाशानंद जी महाराज
“धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए संत समाज का एकजुट होना समय की मांग है।”
🔸 स्वामी राजेंद्र दास जी महाराज
“आदि शक्ति गौ रक्षा अखाड़ा सनातन धर्म की नई ऊर्जा बनकर उभरेगा और समाज में जागरण करेगा।”
🔸 अंकित भैरवानंद जी महाराज
“युवा शक्ति को गौ रक्षा और धर्म रक्षा से जोड़ना ही इस अभियान की सबसे बड़ी सफलता होगी।”
🔱 समारोह की प्रमुख विशेषताएं
गंगा तट पर वैदिक विधि से पट्टाभिषेक सम्पन्न
संत समाज की विशाल एवं गरिमामयी उपस्थिति
गौ माता की रक्षा हेतु सामूहिक संकल्प
चतुरंगिनी सेना के विस्तार का निर्णय
🔱 अखाड़े का संकल्प एवं उद्देश्य
आदि शक्ति गौ रक्षा अखाड़ा द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि—
✔ गौ माता को राष्ट्रमाता का सम्मान दिलाने हेतु व्यापक अभियान चलाया जाएगा
✔ चतुरंगिनी सेना का गठन प्रत्येक जिले में किया जाएगा
✔ धर्म, समाज और राष्ट्र के लिए संगठित कार्य किया जाएगा
अखाड़ा प्रमुख महमंडलेश्वर श्री शिवम जी महाराज ने कहा—
“यह अखाड़ा केवल पद देने का माध्यम नहीं, बल्कि धर्म रक्षा के लिए समर्पित एक सशक्त संगठन है, जो देशभर में जागरण का कार्य करेगा।”
🔱 नव नियुक्त संतों की सूची
🔹 वरिष्ठ महामंडलेश्वर
स्वामी दीपकेश्वरानंद जी महाराज
स्वामी कैलाशानंद जी महाराज
स्वामी राजेंद्र दास जी महाराज
अंकित भैरवानंद जी महाराज
🔹 महामंडलेश्वर
स्वामी गोपालानंद जी महाराज
स्वामी डॉ. अभिषेक दास जी महाराज
स्वामी गणेशानंद जी महाराज
स्वामी वेदाचार्य जी महाराज
स्वामी दीप नारायण जी महाराज
स्वामी जितेश्वरानंद जी महाराज
स्वामी श्री राजेश्वरानंद जी महाराज
साध्वी दुर्गा शक्ति जी
साध्वी सिद्धेश्वरी गुरु मा
साध्वी शिवेंश्वरी जी
साध्वी ज्ञानेश्वरी देवी
साध्वी बीना मृदु नंदी
साध्वी नंदनी धृति गौप्रिया
नंदनी गो प्रिया
स्वामी ऋषिदास जी महाराज
साध्वी यश प्रिया नंदनी जी
स्वामी प्रवीण दास जी महाराज
स्वामी डॉ. मनीषानंद जी
स्वामी चेतनानंद जी महाराज
साध्वी दीप्तमिका जी
साध्वी योगनी जी
स्वामी डॉ. विकासनंद जी
🔹 मंडलेश्वर
स्वामी विकाश विद्यानंद जी
स्वामी बंशीश्याम जी महाराज
स्वामी अखिलेशानंद जी महाराज
🔹 महंत
स्वामी अशोकानंद अशोक जी
स्वामी श्याम दास जी महाराज
स्वामी विनोदानंद जी
🔱 निष्कर्ष
गंगा तट पर लिया गया यह संकल्प आदि शक्ति गौ रक्षा अखाड़ा के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर सिद्ध हुआ। इस आयोजन ने न केवल संगठन को नई दिशा प्रदान की, बल्कि पूरे देश में गौ रक्षा, धर्म जागरण और राष्ट्र सेवा के एक व्यापक अभियान की मजबूत नींव भी रखी है।
चंडीघाट, हरिद्वार में आदि शक्ति गौ रक्षा अखाड़ा का भव्य पट्टाभिषेक समारोह सम्पन्न, शंकराचार्य जी ने दिलाया गौ रक्षा का संकल्प



