ध्रुव और प्रह्लाद की भक्ति से मिली अटूट श्रद्धा की प्रेरणा
हरिद्वार(कमल शर्मा)पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर आयोजित गीता ज्ञान–गीता ध्यान एवं श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के तीसरे दिन श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर कथा एवं सत्संग का लाभ प्राप्त किया। कथा व्यास पंडित राम मुद्गल शास्त्री जी महाराज ने अपने ओजस्वी प्रवचनों में सती चरित्र, ध्रुव चरित्र, भक्त प्रह्लाद की कथा तथा भगवान नरसिंह अवतार का विस्तार से वर्णन किया।
कथा के दौरान उन्होंने बताया कि सच्ची भक्ति, दृढ़ संकल्प और ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास से जीवन की सभी बाधाओं को पार किया जा सकता है। ध्रुव और प्रह्लाद के जीवन प्रसंगों के माध्यम से उन्होंने भक्तों को धर्म, भक्ति और सदाचार का संदेश दिया। भगवान नरसिंह अवतार की कथा सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
कार्यक्रम में आशीर्वचन देते हुए पूज्य गीता मनीषी जी ने कहा कि पुरुषोत्तम मास में गंगा जी के पावन तट पर गीता ज्ञान की गंगा प्रवाहित होना प्रभु की विशेष कृपा और आशीर्वाद है। उन्होंने बताया कि सात दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में गीता ज्ञान, गीता ध्यान तथा श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय का निरंतर पाठ किया जा रहा है, जिसका आध्यात्मिक लाभ श्रद्धालुओं को प्राप्त हो रहा है।
उन्होंने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता का नियमित पाठ मनुष्य को जीवन का सही मार्ग दिखाता है और मोक्ष की प्राप्ति का साधन बनता है। सभी लोगों को तन, मन और श्रद्धा के साथ गीता का अध्ययन एवं पाठ करना चाहिए।
इस अवसर पर, दयानंद बेनीवाल, किशोर अग्रवाल, संदीप अग्रवाल (बेंगलुरु), डॉ. अशोक सम्राट, सतीश अग्रवाल, राजेश चावला, पवन कुमार, अजय मलिक, अजय कुमार, मुकेश रवि, नवीन कुमार, मन्नू राणा, खैराती लाल मक्कर, चिरंजीव खट्टर, कुंज बिहारी, जगदीश छाबड़ा, सुनील सेठी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. विवेक कोहली एवं राजकुमार विज ने किया।
ध्रुव-प्रह्लाद की अटूट भक्ति और नरसिंह अवतार की महिमा सुन भाव-विभोर हुए श्रद्धालु, गीता पाठ से मिलता है मोक्ष का मार्ग, पुरुषोत्तम मास में गूंजा दिव्य ज्ञान




