राष्ट्रीय कार्यसमिति बैठक में सदस्यता विस्तार, सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन, युवाओं के रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और संगठन के विस्तार पर हुआ मंथन
हरिद्वार (कमल शर्मा)। अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन की राष्ट्रीय कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक 3 एवं 4 अक्टूबर को सप्त सरोवर रोड स्थित अखण्ड दया धाम आश्रम, मोतीचूर, हरिद्वार में आयोजित की जा रही है। बैठक में देशभर से पहुंचे राष्ट्रीय पदाधिकारी एवं कार्यसमिति सदस्य अग्रवाल समाज को और अधिक संगठित एवं मजबूत बनाने के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा कर रहे हैं।

संगठन के संस्थापक श्री प्रदीप मित्तल ने कहा कि अग्रवाल समाज की शक्ति उसकी एकजुटता, सेवा भावना और सामाजिक जिम्मेदारी में निहित है। संगठन का उद्देश्य देशभर के अग्रवाल परिवारों को एक मंच पर जोड़कर समाज की नई पीढ़ी को शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय और सामाजिक नेतृत्व के क्षेत्र में आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि संगठन की गतिविधियों का विस्तार जमीनी स्तर तक किया जाएगा और अधिक से अधिक अग्र बंधुओं को संगठन से जोड़ा जाएगा।

राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री कुलभूषण मित्तल ने कहा कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए सदस्यता अभियान को व्यापक रूप दिया जा रहा है। 25 सितंबर 2026 से ऑनलाइन सदस्यता का शुभारंभ हो चुका है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रदेश में संगठन की इकाइयों को सक्रिय करने, जिला स्तर तक कार्यसमिति गठित करने तथा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। समाज के प्रतिभाशाली युवाओं, महिलाओं और उद्यमियों को आगे लाकर उन्हें नेतृत्व के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।

राष्ट्रीय महामंत्री श्री राजेश भारूका ने कहा कि राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में संगठन की आगामी कार्ययोजना को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं। सदस्यता विस्तार के साथ अग्रवाल परिवारों की जानकारी एक मंच पर उपलब्ध कराने, अग्रसेन-अग्रोहा-अग्रवाल फाउंडेशन से अधिक से अधिक सदस्यों को जोड़ने तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले सदस्यों को सम्मानित करने की योजना पर चर्चा की जा रही है। उन्होंने कहा कि समाज के युवाओं के लिए रोजगार, करियर काउंसलिंग, युवक-युवती परिचय सम्मेलन और वैवाहिक वेबसाइट जैसी योजनाओं को प्रभावी बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
बैठक में 14 नवंबर को दिल्ली में प्रस्तावित महाराजा अग्रसेन ग्लोबल अवार्ड एवं अग्र अलंकरण समारोह-2026, राष्ट्रीय निर्देशिका के प्रकाशन, कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण के लिए कार्यशाला, राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न समितियों के गठन तथा आगामी राष्ट्रीय अधिवेशन और राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक के स्थान एवं तिथि पर भी विचार-विमर्श किया जा रहा है।
कार्यसमिति की विषय सूची में सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन, विवाह संबंधों में उत्पन्न होने वाले विवादों के लिए काउंसलिंग, बेरोजगार युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए उद्योगपतियों की डायरेक्टरी तैयार करने, प्रशासनिक अधिकारियों के सम्मान, प्रशासनिक सेवाओं के विद्यार्थियों के लिए काउंसलिंग एवं कोचिंग तथा युवक-युवतियों के परिचय सम्मेलन जैसे विषय शामिल हैं।
संगठन ने राजनीतिक, उद्योग एवं व्यापार, चार्टर्ड अकाउंटेंट, लीगल, डॉक्टर, इंजीनियर एवं आर्किटेक्ट, प्रशासनिक अधिकारी, सांस्कृतिक, खेलकूद, सदस्यता अभियान, कुरीति उन्मूलन और कंप्यूटर प्रशिक्षण सहित विभिन्न समितियों के माध्यम से समाज के अलग-अलग क्षेत्रों में कार्य करने की रूपरेखा भी तैयार की है।

बैठक में राष्ट्रीय पदाधिकारियों एवं कार्यसमिति सदस्यों की जिम्मेदारियों को भी स्पष्ट किया गया। इनमें प्रदेशों का दौरा, स्थानीय कार्यक्रमों में सहयोग एवं मार्गदर्शन, सदस्यता अभियान को गति देना, प्रदेश की संस्थाओं को संगठन से जोड़ना, केंद्रीय योजनाओं को प्रदेशों में लागू करवाना, कार्यसमिति एवं जिला इकाइयों के गठन में सहयोग, प्रदेशों की रिपोर्ट केंद्रीय कार्यालय तक पहुंचाना तथा संगठन की गतिविधियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करना प्रमुख हैं।













