सहारनपुर से हरिद्वार तक गूंजा गुरु महिमा का जयघोष, स्वामी तुरियानंद महाराज के 151वें अवतरण दिवस समारोह का भव्य आयोजन



सहारनपुर/हरिद्वार(कमल शर्मा)ब्रह्मलीन परम पूज्य स्वामी तुरियानंद जी महाराज के 151वें अवतरण दिवस के उपलक्ष्य में सहारनपुर और हरिद्वार में आयोजित धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों का श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में भव्य समापन हुआ। दोनों स्थानों पर दूर-दराज से पहुंचे गुरु प्रेमियों ने गुरु दरबार में माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा भजन-कीर्तन, सत्संग, हवन-यज्ञ और भंडारे में सहभागिता की।
सहारनपुर में गुरु दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब
सहारनपुर के कृष्णानगर स्थित स्वामी तुरियानंद सत्संग सेवाश्रम में 151वें अवतरण दिवस के अवसर पर आश्रम परिसर को आकर्षक फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया। कई दिनों तक चले धार्मिक आयोजनों के अंतिम दिन रक्षा बंधन के पावन अवसर पर विधिवत हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया। इसके पश्चात गुरु दरबार में भजन-कीर्तन और सत्संग हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में गुरु प्रेमियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के समापन पर आयोजित विशाल भंडारे में श्रद्धालुओं ने गुरु प्रसाद ग्रहण किया। वातावरण में गुरु महिमा के जयकारे और भजनों की गूंज से पूरा आश्रम भक्तिमय नजर आया।
आश्रम के व्यवस्थापक श्री श्री 1008 स्वामी विवेकानंद जी महाराज ने कहा कि प्रत्येक वर्ष रक्षा बंधन के पावन पर्व पर स्वामी तुरियानंद महाराज का अवतरण दिवस श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है। इस वर्ष 151वें अवतरण दिवस पर भी गुरु प्रेमियों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की।
ट्रस्ट के अध्यक्ष हरिओम जी ने सभी संतों, पदाधिकारियों, सेवाभावी कार्यकर्ताओं और गुरु प्रेमियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
हरिद्वार में भी भव्य आयोजन के साथ हुआ समापन
वहीं हरिद्वार के भूपतवाला क्षेत्र स्थित स्वामी तुरियानंद सत्संग सेवाश्रम में भी 29 अगस्त को स्वामी तुरियानंद महाराज के 151वें अवतरण दिवस समारोह की कड़ी में भव्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संत-महात्माओं का सानिध्य प्राप्त हुआ। संतों ने गुरु महिमा का गुणगान करते हुए गुरु सेवा, सत्संग और सदाचार के महत्व पर प्रकाश डाला।
गुरु दरबार में श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन एवं सत्संग का श्रवण किया। संतों के प्रवचनों से पूरा आश्रम आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया। कार्यक्रम के समापन पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें संतों एवं गुरु प्रेमियों ने प्रसाद ग्रहण किया।
ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने कहा कि स्वामी तुरियानंद महाराज की गुरु परंपरा और उनके आध्यात्मिक संदेश को आगे संसार में बढ़ाने का संकल्प लिया गया। दोनों स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में गुरु प्रेमियों की बड़ी संख्या में मौजूदगी ने आयोजन को यादगार बना दिया।
अंत में स्वामी तुरियानंद सत्संग सेवाश्रम ट्रस्ट की ओर से कार्यक्रम में पहुंचे सभी संत-महात्माओं, गुरु प्रेमियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए उनके सुख, शांति, समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना की गई।
सहारनपुर और हरिद्वार—दोनों गुरु दरबारों में भक्ति, सेवा और सत्संग की अविरल धारा के बीच 151वें अवतरण दिवस समारोह का समापन हुआ।

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