अडोल आश्रम में भक्ति का महासागर: भजन-सत्संग और हजारों संतों के भव्य भंडारे से गूंजा हरिद्वार 🔥

🔥 हरिद्वार। कमल शर्मा/भूपतवाला स्थित पावन अडोल आश्रम में आज श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। परम पूज्य महामंडलेश्वर श्री 1008 नित्यानंद पुरी जी महाराज की पावन कृपा से यहां विशाल भजन-सत्संग चौकी कार्यक्रम एवं हजारों संत महापुरुषों के भव्य भंडारे का दिव्य आयोजन बड़े ही हर्षोल्लास और भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ।


प्रातःकाल से ही आश्रम परिसर भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। भजन-कीर्तन और प्रभु श्रीराम के जयघोष से संपूर्ण वातावरण गूंज उठा, जिससे हर श्रद्धालु आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत नजर आया। दूर-दूर से आए संतों, भक्तों और श्रद्धालुओं ने इस पुण्य अवसर पर सहभागिता कर धर्मलाभ प्राप्त किया।
इस अवसर पर अपने अमृतमय प्रवचनों में प्रातःस्मरणीय महंत दुर्गा दास जी महाराज ने कहा कि जिनके हृदय में भगवान श्रीराम का वास होता है, उनका जीवन सदैव सुखमय और कल्याणकारी बन जाता है।

उन्होंने श्रीरामचरितमानस का प्रसिद्ध दोहा उद्धृत करते हुए कहा—
“रामहि केवल प्रेम पियारा, जानि लेहु जो जाननिहारा।”
अर्थात प्रभु श्रीराम को केवल निष्कपट प्रेम ही प्रिय है, सच्ची भक्ति ही जीवन का वास्तविक आधार है।
कार्यक्रम के प्रबंधक श्री विनोद शर्मा जी महाराज ने अपने पूज्य गुरुदेव की कृपा और आध्यात्मिक महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु ही जीवन के अंधकार को दूर कर ईश्वर से जोड़ने वाले सेतु होते हैं। वहीं महंत श्री प्रह्लाद दास जी महाराज ने श्रीराम की महिमा का भावपूर्ण वर्णन कर श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया।
श्री हरीश कुमार गुलाटी जी ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि सच्ची भक्ति केवल पूजा तक सीमित नहीं होती, बल्कि सेवा, सदाचार और करुणा में भी ईश्वर का वास होता है।
कार्यक्रम के अंत में आयोजित विशाल भंडारे में हजारों संत महापुरुषों एवं श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर स्वयं को धन्य अनुभव किया। संपूर्ण आयोजन अनुशासन, भक्ति और आध्यात्मिक गरिमा का अनुपम उदाहरण बनकर श्रद्धालुओं के हृदय में भक्ति की नई ज्योति प्रज्वलित कर गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *