पुरुषोत्तम मास में गूंजा गीता और भागवत का दिव्य संदेश, श्री कृष्ण कृपा धाम में सात दिवसीय अनुष्ठान का शुभारंभ


हरिद्वार। उत्तरी हरिद्वार स्थित श्री कृष्ण कृपा धाम में गीता मनीषी महामंडलेश्वर स्वामी श्री ज्ञानानंद जी महाराज के पावन सानिध्य में पुरुषोत्तम मास के अवसर पर आयोजित सात दिवसीय “गीता ज्ञान, गीता ध्यान एवं भागवत कथा अनुष्ठान” का सोमवार को वैदिक मंत्रोच्चार और भक्तिमय वातावरण के बीच भव्य शुभारंभ हुआ। अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर धर्म, अध्यात्म और भक्ति की गंगा में आस्था की डुबकी लगाई।


कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिदिन प्रातः 6:30 बजे से 7:30 बजे तक गीता ध्यान, प्रातः 9:30 बजे से 12:30 बजे तक श्रीमद्भागवत कथा तथा सायं 4 बजे से 6 बजे तक गीता सत्संग का आयोजन किया जाएगा। कथा का वाचन वृंदावनधाम के विद्वान भागवताचार्य पंडित राम मुद्गल शास्त्री द्वारा किया जा रहा है।


शुभारंभ अवसर पर कथा व्यास पंडित राम मुद्गल शास्त्री ने कहा कि पुरुषोत्तम मास भगवान श्रीहरि की विशेष कृपा प्राप्त करने का दुर्लभ अवसर है। इस पावन मास में गीता, भागवत और भगवान के नाम का स्मरण मनुष्य के जीवन को पवित्र एवं सार्थक बनाता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कथा श्रवण के साथ-साथ अपने जीवन में धर्म, सत्य और सदाचार को अपनाने का आह्वान किया।


इस अवसर पर अपने आशीर्वचन में स्वामी श्री ज्ञानानंद जी Maharaj ने कहा कि “पुरुषोत्तम मास आत्मचिंतन, आत्मशुद्धि और भगवान से जुड़ने का श्रेष्ठ अवसर है। श्रीमद्भगवद्गीता केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की दिव्य कला है। वहीं श्रीमद्भागवत भगवान की करुणा, प्रेम और भक्ति का अमृत स्वरूप है। जो व्यक्ति श्रद्धा के साथ गीता का अध्ययन, ध्यान और भागवत कथा का श्रवण करता है, उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन अवश्य आता है।”
उन्होंने कहा कि आज के भौतिकवादी युग में मनुष्य तनाव, अशांति और भ्रम से घिरा हुआ है, जबकि गीता का ज्ञान उसे कर्तव्य, संयम और आत्मविश्वास का मार्ग दिखाता है। भागवत कथा मानव को भक्ति, प्रेम और सेवा की भावना से जोड़कर जीवन को आनंदमय बनाती है।


अनुष्ठान के प्रथम दिन भजन-कीर्तन, गीता पाठ और कथा श्रवण से पूरा परिसर भक्तिरस में सराबोर रहा। श्रद्धालुओं ने आयोजन को आध्यात्मिक चेतना जागृत करने वाला बताते हुए आगामी दिनों में भी अधिकाधिक संख्या में सहभागिता का संकल्प लिया


कार्यक्रम में संत-महात्माओं, गणमान्य नागरिकों एवं बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। सात जून तक चलने वाले इस महाआध्यात्मिक आयोजन में प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

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