हरिद्वार। पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर कनखल स्थित शिव शक्तिपीठ शीतला माता मंदिर, दक्ष मंदिर परिसर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ रविवार को श्रद्धा, भक्ति और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। कथा के प्रथम दिवस पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर भागवत महापुराण के अमृतमय प्रसंगों का श्रवण किया और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।

कथा वाचिका पूज्या राधाप्रिया देवी अदिति जी ने प्रथम दिवस की कथा में श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि भागवत केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को धर्म, भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के मार्ग पर अग्रसर करने वाला दिव्य प्रकाश स्तंभ है। उन्होंने कहा कि कलियुग में भगवान के नाम का स्मरण और भागवत कथा का श्रवण ही मोक्ष का सरल एवं श्रेष्ठ साधन है।

उन्होंने बताया कि राजा परीक्षित को शुकदेव जी द्वारा सुनाई गई भागवत कथा आज भी मानव समाज को जीवन जीने की सही दिशा प्रदान करती है। भागवत कथा मनुष्य के अंतःकरण को शुद्ध कर उसे भगवान श्रीहरि की भक्ति से जोड़ती है। कथा श्रवण से जीवन के समस्त कष्टों का निवारण होता है तथा मन में शांति, सद्भाव और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है।
कथा प्रारंभ होने से पूर्व विधिवत पूजा-अर्चना, कलश पूजन एवं व्यासपीठ पूजन संपन्न कराया गया। पूरे परिसर में भक्ति गीतों और हरिनाम संकीर्तन की मधुर ध्वनि से भक्तिमय वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर स्वयं को प्रेम, भक्ति और ज्ञान की गंगा में सराबोर किया।
आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से आगामी दिनों में भी कथा में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर भगवान की दिव्य लीलाओं का श्रवण करने का आह्वान किया। कथा प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से सायं 7 बजे तक आयोजित की जा रही है।




