नव सृजन साहित्यिक संस्था रुड़की के अध्यक्ष एवं संस्कृत शिक्षा विभाग के पूर्व निदेशक डॉ.आनंद भारद्वाज को युवा हिंदी साहित्यकार डॉ.रजनीश सैनी ‘राजेंद्र’ द्वारा लिखित पुस्तक ‘देश के रत्न भारत रत्न ’ भेंट की गई। यह भेंट सम्मान एवं साहित्यिक संवाद के उद्देश्य से की गई।इस अवसर पर डॉ.रजनीश सैनी ‘राजेंद्र’ ने बताया कि उनकी पुस्तक ‘देश के रत्न भारत रत्न’ भारत के महान विभूतियों एवं भारत रत्न सम्मान से अलंकृत व्यक्तित्वों के जीवन,संघर्ष, योगदान एवं राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका पर आधारित है। पुस्तक का उद्देश्य नई पीढ़ी को देश के महान व्यक्तित्वों से प्रेरणा प्रदान करना है। डॉ.आनंद भारद्वाज ने पुस्तक प्राप्त कर प्रसन्नता व्यक्त की तथा डॉ. रजनीश सैनी ‘राजेंद्र’ के साहित्यिक प्रयासों की सराहना की।उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पुस्तकें युवाओं में राष्ट्रप्रेम, संस्कार एवं प्रेरणा का संचार करती हैं तथा भारतीय महानायकों के योगदान को जन-जन तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।कार्यक्रम के दौरान साहित्य, शिक्षा एवं भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों पर भी विचार-विमर्श किया गया। उपस्थित साहित्यप्रेमियों ने डॉ. रजनीश सैनी ‘राजेंद्र’ को उनके निरंतर साहित्यिक योगदान के लिए शुभकामनाएँ दीं।
पूर्व निदेशक संस्कृत शिक्षा विभाग डॉ.आनंद भारद्वाज को भेंट की गई पुस्तक’/देश के रत्न भारत रत्न’।







