हरिद्वार(कमल दास)भूपतवाला स्थित कमल दास कुटिया ट्रस्ट में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन कथा पंडाल भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की दिव्यता और भक्ति रस से सराबोर हो उठा। कथा व्यास श्री शिव प्रकाश शास्त्री ने श्रीमद्भागवत के अत्यंत भावपूर्ण प्रसंगों का वर्णन करते हुए भगवान श्रीकृष्ण जन्म, नंदोत्सव एवं बाल लीलाओं का ऐसा सजीव चित्रण किया कि श्रद्धालु स्वयं को द्वापर युग में अनुभव करने लगे।
कथा व्यास ने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान धर्म की स्थापना के लिए अवतार लेते हैं। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के कारागार में जन्म, वसुदेव द्वारा यमुना पार कर गोकुल पहुंचाने तथा नंद बाबा के घर छाए आनंद का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया। नंदोत्सव के प्रसंग में श्रद्धालु भक्ति और उल्लास में झूम उठे तथा पूरा कथा पंडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंज उठा।
महंत ओम प्रकाश शास्त्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मानव जीवन को संस्कार, सेवा और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला दिव्य ज्ञान है। भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं हमें सत्य, प्रेम, करुणा और धर्म के पालन का संदेश देती हैं। उन्होंने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कथा श्रवण कर अपने जीवन को धन्य बनाने का आह्वान किया।
कमल दास कुटिया ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी अजय गौतम ने कहा कि श्रीमद्भागवत सप्ताह का उद्देश्य समाज में आध्यात्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार करना है। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर रहे हैं तथा कथा स्थल पर भक्तिमय वातावरण बना हुआ है।
कथा के उपरांत श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण की आरती में भाग लिया और प्रसाद ग्रहण किया। संपूर्ण वातावरण भक्ति, श्रद्धा और कृष्णमय उल्लास से ओत-प्रोत रहा।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की दिव्य लीला से भावविभोर हुए श्रद्धालु, नंदोत्सव की उमंग में झूमी कमल दास कुटिया










