मानव सेवा के संकल्प के साथ संपन्न हुआ विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर
हरिद्वार(कमल शर्मा)2 सितंबर। शंकराचार्य अनन्त श्री विभूषित स्वामी अच्युतानंद तीर्थ जी महाराज के 73वें अवतरण दिवस के पावन अवसर पर सिद्धपीठ भूमा निकेतन आश्रम द्वारा श्री स्वामी भूमानन्द कॉलेज ऑफ नर्सिंग, हरिद्वार में आयोजित विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर सेवा, समर्पण और मानवता का संदेश देते हुए सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। शिविर में बड़ी संख्या में रक्तदाताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर रक्तदान को सच्चा महादान बताया।

इस अवसर पर कार्यक्रम के दौरान “रक्तदान—महादान” का संदेश देते हुए लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूक किया गया। शिविर का तकनीकी सहयोग भूमानन्द जीवन रक्षक ब्लड सेंटर, हरिद्वार द्वारा किया गया।
डॉ. वीरेंद्र सिंह ने कहा—रक्तदान से बड़ा कोई मानव धर्म नहीं
डॉ. वीरेंद्र सिंह ने कहा कि रक्तदान एक ऐसा पुण्य कार्य है, जिससे किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन मिल सकता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए। रक्तदान केवल चिकित्सा सेवा नहीं, बल्कि मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का भी सबसे बड़ा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर समाज में सेवा और परोपकार की भावना को मजबूत करते हैं। आगे बताते हुए उन्होंने कहा कि शिविर में तकरीबन 160 पंजीकरण किए गए जिनके माध्यम से 160 यूनिट रक्त का संग्रहण किया गया l

श्री यशवीर खत्री ने कहा—सेवा के कार्यों से ही समाज बनता है मजबूत, कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सिद्धपीठ भूमा निकेतन आश्रम द्वारा आयोजित यह रक्तदान शिविर समाज को एक सकारात्मक संदेश देता है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद की सहायता के लिए किया गया रक्तदान वास्तव में जीवनदान के समान है। युवाओं को विशेष रूप से ऐसे सामाजिक और मानवीय कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए।
शिविर को सफल बनाने में अंकित कुमार, आयुष डंगवाल और नदीम खान सहित समस्त स्टाफ ने अपना पूर्ण योगदान दिया। सभी के सहयोग, समर्पण और बेहतर व्यवस्थाओं के कारण रक्तदान शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

आयोजकों ने शिविर में रक्तदान करने वाले सभी रक्तदाताओं, सहयोगियों, चिकित्सकीय टीम एवं स्टाफ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “मानव सेवा ही सच्ची ईश्वर सेवा है और रक्तदान से बढ़कर किसी जरूरतमंद के जीवन को बचाने का दूसरा कोई महान कार्य नहीं।”
कार्यक्रम में “हरिहर समाचार” की संपादक कमल शर्मा ने भी अपना रक्तदान करके इस हवन में अपनी आहुति प्रदान की और लोगों को जागृत करते हुए उन्होंने कहा कि “रक्तदान महादान है, क्योंकि आपका एक छोटा सा प्रयास किसी के लिए नया जीवन बन सकता है।”













