आयुर्वेद की शक्ति से रोगमुक्ति का संदेश, स्वामी सत्यदेव आयुर्वेदिक धर्मार्थ चिकित्सालय बना लोगों की आशा का केंद्र


हरिद्वार(कमल शर्मा) प्रसिद्ध उदासीन परंपरा से जुड़े अवधूत मंडल आश्रम परिसर में संचालित स्वामी सत्यदेव आयुर्वेदिक धर्मार्थ चिकित्सालय में विभिन्न रोगों के उपचार हेतु बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। चिकित्सालय के संचालक वैद्य रामदास उदासीन का कहना है कि आयुर्वेद केवल रोगों का उपचार ही नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन की संपूर्ण पद्धति है।
वैद्य स्वामी सत्यदेव के अनुसार आयुर्वेद में अनेक जटिल एवं दीर्घकालिक रोगों के उपचार की समृद्ध परंपरा है। उन्होंने बताया कि साइटिका, सोरायसिस, श्वेत कुष्ठ (विटिलिगो), हड्डियों एवं जोड़ों के दर्द, माइग्रेन, उच्च रक्तचाप, मधुमेह सहित कई अन्य रोगों के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के माध्यम से उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। उनका कहना है कि आयुर्वेदिक उपचार अपेक्षाकृत कम खर्चीला होने के साथ-साथ शरीर की प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करने का कार्य करता है।
उन्होंने कहा कि आज के समय में लोग दुष्प्रभावों से बचने तथा प्राकृतिक चिकित्सा की ओर बढ़ रहे हैं। चिकित्सालय में रोगियों की प्रकृति और रोग की स्थिति के अनुसार औषधियों एवं परामर्श की व्यवस्था की जाती है। इसके साथ ही हड्डियों एवं जोड़ों से संबंधित समस्याओं के लिए पारंपरिक आयुर्वेदिक पद्धतियों का भी उपयोग किया जाता है, जिससे अनेक रोगियों को लाभ मिलने का दावा किया जाता है।
वैद्य स्वामी सत्यदेव ने कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन एवं वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति है, जिसमें रोग के मूल कारण को समझकर उपचार किया जाता है। उन्होंने लोगों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, संतुलित आहार लेने तथा समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने का आह्वान किया।
चिकित्सालय में प्रतिदिन दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले रोगियों को परामर्श एवं उपचार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे यह केंद्र क्षेत्र में जनसेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बनता जा रहा है।
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