श्रीमद्भागवत कथा के द्वितीय दिवस ध्रुव चरित्र और सृष्टि रहस्य का हुआ भावपूर्ण वर्णन


हरिद्वार(कमल शर्मा) कनखल स्थित शिव शक्तिपीठ शीतला माता मंदिर, दक्ष मंदिर परिसर में पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के द्वितीय दिवस पर श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर कथा श्रवण का पुण्य लाभ प्राप्त किया।
कथा वाचिका पूज्या राधाप्रिया देवी अदिति जी ने कथा के दूसरे दिन शुकदेव जन्म, परीक्षित-शुकदेव संवाद और भागवत के 10 लक्षणों का वर्णन किया। इसके साथ ही, संसार की असारता और भगवान की महिमा से जुड़े प्रसंग सुनाए सृष्टि की उत्पत्ति, भगवान की दिव्य महिमा तथा भक्त ध्रुव के प्रेरणादायक चरित्र का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करने वाला दिव्य मार्गदर्शक है। कथा श्रवण से मनुष्य के समस्त दुःखों का निवारण होता है तथा उसे भगवद्भक्ति और आत्मिक शांति की प्राप्ति होती है।
राधाप्रिया देवी अदिति जी ने ध्रुव चरित्र का वर्णन करते हुए बताया कि दृढ़ संकल्प, श्रद्धा और भगवान के प्रति अटूट विश्वास से असंभव लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं। बालक ध्रुव ने कठिन तपस्या कर भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त की और संसार के लिए आदर्श भक्ति का उदाहरण प्रस्तुत किया।
उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में धर्म, सत्य और भक्ति को अपनाकर मानव जीवन को सफल बनाएं। कथा के दौरान भजनों और भगवान के गुणगान से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय बना रहा तथा श्रद्धालु भावविभोर होकर कथा का रसपान करते रहे।
कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने भगवान की आरती में सहभागिता की तथा कथा की सफलता एवं विश्व कल्याण के लिए प्रार्थना की। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से आगामी दिनों में भी कथा श्रवण हेतु अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने का आग्रह किया।

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