श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े ने वाल्मीकि अखाड़े के गठन की घोषणा की, कृष्णानंद शाह गिरी महाराज बने जगतगुरु

जगतगुरु बनाए जाने की घोषणा की जगदूरु बनाए जाने पर पंचायती श्री निरंजनी अखाड़े के सचिव अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महंत रवींद्र पुरी जी महाराज ने कहा आध्यात्म ही सनातन को एकजुट रख सकता है सनातन हम सनानियों के खून में बसता है और धर्मगुरु हमें सनातन से जोड़ते

हुए हमारे जीवन को सफल करने कीऔर ले जाते हैं, गुरुर्जनों का पावन सानिध्य हमारे मानव जीवन का उद्धार कर देता है और जगतगुरु बनाया जाना सनातनी परंपरा है जिसके अंतर्गत विद्वान संतो को उनके ज्ञान के अनुरूप अखाड़ों द्वारा जगतगुरु पद पर विभूषित किया जाता है

हरिद्वार। श्री पंचदस नाम जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्री हरि गिरि महाराज, के पावन सानिध्य में में वाल्मीकि अखाड़े के गठन की घोषणा करते हुए दिल्ली स्थित वाल्मीकि धाम के पीठाधीश्वर कृष्णानंद शाह गिरी महाराज को जगतगुरु की उपाधि प्रदान की इससे पूर्व श्री हरिहर आश्रम कनखल में अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने अखाड़े की परंपरा के अनुरूप कृष्णा सहशाहनंद गिरी महाराज का अभिषेक किया और उन्हें

जगतगुरु बनाए जाने की घोषणा की जगदूरु बनाए जाने पर पंचायती श्री निरंजनी अखाड़े के सचिव अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महंत रवींद्र पुरी जी महाराज ने कहा आध्यात्म ही सनातन को एकजुट रख सकता है सनातन हम सनानियों के खून में बसता है और धर्मगुरु हमें सनातन से जोड़ते

हुए हमारे जीवन को सफल करने कीऔर ले जाते हैं, गुरुर्जनों का पावन सानिध्य हमारे मानव जीवन का उद्धार कर देता है और जगतगुरु बनाया जाना सनातनी परंपरा है जिसके अंतर्गत विद्वान संतो को उनके ज्ञान के अनुरूप अखाड़ों द्वारा जगतगुरु पद पर विभूषित किया जाता है

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