हरिद्वार(कमल शर्मा)कनखल स्थित श्री हरि भारती संस्कृत विद्यालय में आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञानयज्ञ का शुभारंभ मंगलवार को वैदिक मंत्रोच्चार, कलश पूजन एवं भव्य पोथी यात्रा के साथ हुआ। कथा प्रारंभ होने से पूर्व निकाली गई पोथी यात्रा में गुजरात से पधारे श्रद्धालुओं सहित बड़ी संख्या में भक्तों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर धर्ममय वातावरण का निर्माण किया।

कार्यक्रम के दौरान विधिवत पूजन-अर्चन के पश्चात श्रीमद्भागवत भगवान की स्तुति की गई तथा व्यासपीठ पर विराजमान पूज्य महाराज श्री ने कथा के प्रथम दिवस में भागवत माहात्म्य एवं श्रीमद्भागवत कथा की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को धर्म, भक्ति और मोक्ष का मार्ग दिखाने वाला दिव्य प्रकाश स्तंभ है।

भागवत श्रवण से मनुष्य के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है तथा ईश्वर के प्रति प्रेम और समर्पण की भावना जागृत होती है।
इस अवसर पर महामंडलेश्वर श्री 1008 कुर्शीपुरी जी महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा भारतीय सनातन संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। कथा श्रवण से व्यक्ति के भीतर आध्यात्मिक चेतना का विकास होता है और समाज में सदाचार, प्रेम एवं भाईचारे की भावना मजबूत होती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कथा का नियमित श्रवण कर अपने जीवन को धर्ममय बनाने का आह्वान किया।

सरपंच हीरा भाई ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में आध्यात्मिक जागरण के साथ-साथ सामाजिक एकता भी सुदृढ़ होती है। उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत सप्ताह जैसे कार्यक्रम नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

कार्यक्रम में महंत गंगागिरी बापू (मोमायमोरा जागीर), महंत शुभम गिरी बापू (मोमायमोरा जागीर), महंत भैरव गिरी महाराज सहित अनेक संत-महात्माओं एवं गणमान्य श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था तथा संपूर्ण वातावरण भक्तिमय रस में सराबोर रहा। आयोजकों ने बताया कि श्रीमद्भागवत सप्ताह के दौरान प्रतिदिन विभिन्न आध्यात्मिक प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा, जिसका लाभ बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्राप्त करेंगे।




