हरिद्वार, भूपतवाला।
भूपतवाला स्थित प्रसिद्ध श्री चेतन ज्योति आश्रम में महंत ऋषिश्वरानंद महाराज के पावन सानिध्य में गुरुजन श्रद्धांजलि सभा, गुरु नमन-वंदना कार्यक्रम एवं सुंदरकांड पाठ का भव्य समापन हर्षोल्लास और आध्यात्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ। इस अवसर पर संत-महापुरुषों की गरिमामयी उपस्थिति ने पूरे आयोजन को दिव्यता से भर दिया।
कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जहां भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुंदरकांड पाठ के समापन पर पूरे आश्रम परिसर में जयकारों और भजन-कीर्तन से वातावरण गूंज उठा।
इस अवसर पर प्रातः स्मरणीय गुरु भगवान श्री करौली शंकर महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि “जो व्यक्ति स्वयं को साध लेता है, वही योग साधना के माध्यम से ईश्वर की प्राप्ति कर सकता है। इसके लिए मन की एकाग्रता अत्यंत आवश्यक है।”
महंत दुर्गादास महाराज ने कहा कि “जो भक्त सच्चे मन से गुरु की शरण में आ जाते हैं, वे सहज ही इस भवसागर को पार कर जाते हैं।”
वहीं महंत रवि देव महाराज ने गुरु को ज्ञान का सृजनकर्ता बताते हुए कहा कि “गुरु अपने ज्ञान से भक्तों के जीवन को प्रकाशमय बना देते हैं और उनका उद्धार करते हैं।”
स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हुए कहा कि “जो व्यक्ति सत्य के मार्ग पर चलता है, उसका जीवन सदैव कल्याणकारी बनता है।”
स्वामी कल्याण देव महाराज ने भी गुरु महिमा का गुणगान करते हुए कहा कि “गुरु के पावन वचन मनुष्य के भाग्य को बदलने की क्षमता रखते हैं और उसके जीवन का संपूर्ण उद्धार कर देते हैं।”
कार्यक्रम के अंत में सभी संतों का आशीर्वाद प्राप्त कर श्रद्धालुओं ने अपने जीवन को धन्य माना। इस भव्य आयोजन ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि गुरु भक्ति और सत्संग मानव जीवन को नई दिशा देने का सबसे सशक्त माध्यम है।
चेतन ज्योति आश्रम में भक्ति और श्रद्धा का संगम: सुंदरकांड पाठ व गुरु श्रद्धांजलि कार्यक्रम भव्य रूप से संपन्न”



