कमल शर्मा
हरिद्वार। ज्वालापुर स्थित आर्य वानप्रस्थ आश्रम का 98वाँ वार्षिकोत्सव इन दिनों पूरे आध्यात्मिक उल्लास और भव्यता के साथ जारी है। 15 अप्रैल से प्रारंभ हुआ यह चार दिवसीय आयोजन 18 अप्रैल 2026 तक चलेगा, जिसमें देश-विदेश से आए विद्वानों, संतों और श्रद्धालुओं की भारी सहभागिता देखने को मिल रही है।
शुक्रवार को आयोजित प्रातः सत्र में पारायण यज्ञ, भजन-कीर्तन और प्रवचनों की श्रृंखला ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

श्री दिनेश पथिक के भजनों ने वातावरण को भक्तिमय बनाया, वहीं डॉ. जयेन्द्र जी एवं स्वामी मोक्षानन्द के प्रवचनों ने जीवन में वैदिक मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया।
मध्याह्न सत्र में आयोजित महिला सम्मेलन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जिसका विषय “नारी: अतीत के स्वर्ण पंख एवं भविष्य की सुखद उड़ान” रहा। सम्मेलन की अध्यक्षता सुश्री प्रियग्वदा वेद भारती (नजीबाबाद) ने की तथा संचालन ब्रह्मचारिणी संतोष आर्या ने किया। वक्ताओं में श्रीमती रश्मि गुप्ता, आचार्या सविता सौम्या, श्रीमती सुमन भल्ला, श्रीमती प्रेम बहल, श्रीमती शोभा छाबड़ा, डॉ. सुशीला श्रीवास्तव एवं श्रीमती सविता शर्मा ने नारी सशक्तिकरण, संस्कृति और समाज में महिलाओं की भूमिका पर प्रभावी विचार रखे।
रात्रि सत्र में पुनः भजन एवं प्रवचनों की मधुर धारा प्रवाहित हुई, जिससे आश्रम परिसर पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया।
शनिवार को प्रातः 6 बजे पारायण यज्ञ की पूर्णाहुति के साथ कार्यक्रम का समापन होगा। इसके पश्चात भजन, प्रवचन एवं धन्यवाद ज्ञापन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें आश्रम प्रधान श्री राम किशन आर्य आभार व्यक्त करेंगे।
आश्रम के संयोजक डॉ. सुरेन्द्र कुमार शर्मा ने बताया कि 10 अप्रैल से यजुर्वेद पारायण यज्ञ का शुभारंभ हुआ था, जिसका समापन 18 अप्रैल को पूर्णाहुति के साथ होगा। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन प्रातःकालीन सत्रों में यज्ञ, भजन एवं प्रवचन के माध्यम से समाज को वैदिक संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
आश्रम मंत्री श्रीमती सविता शर्मा ने बताया कि उत्सव के दौरान बाहर से आने वाले अतिथियों के लिए निःशुल्क आवास एवं भोजन की व्यवस्था की गई है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से परिवार सहित उपस्थित होकर इस आध्यात्मिक आयोजन का लाभ उठाने की अपील की।
सह-संयोजक श्रीमती शोभा छाबड़ा ने कहा कि यह उत्सव केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने और संस्कारों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है।
कार्यक्रम के मुख्य यजमान श्रीमती निर्मल सचदेवा, यज्ञ ब्रह्मा डॉ. योगेश शास्त्री, ऋत्विक श्रीमती आभा सूदन तथा वेदपाठी ब्रह्मचारी रजत त्यागी एवं अनुज आर्य द्वारा वैदिक विधि-विधान से अनुष्ठान संपन्न कराया जा रहा है।
आयोजन समिति के सदस्यों श्री सदानन्द आर्य, श्री महेन्द्र मुनि सहित अन्य कार्यकर्ताओं के सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है।
आश्रम प्रबंधन ने आर्य समाज से जुड़े सभी विद्वानों एवं श्रद्धालुओं को सपरिवार आमंत्रित करते हुए इस महोत्सव की शोभा बढ़ाने का आह्वान किया है।




