“जूना अखाड़े पर स्वामी प्रबोधानंद गिरि का बड़ा हमला: इस्लामिक जिहादियों से सांठगांठ और अवैध धन वसूली के लगाए आरोप, जान का खतरा बताया”

कमल शर्मा हरिहर समाचार

हरिद्वार। हिंदू रक्षा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं भारत साधु समाज के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरि महाराज ने प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान जूना अखाड़े के कुछ पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अखाड़े के चारों श्रीमहंतों के खिलाफ पंक्ति-पत्तल बहिष्कार का निर्णय लिया गया है और अब न तो उन्हें अपने यहां आमंत्रित किया जाएगा और न ही उनके यहां जाया जाएगा।
स्वामी प्रबोधानंद गिरि ने बताया कि उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली कि 30 नवंबर को जूना अखाड़े की ओर से एक पत्र जारी कर उन्हें और उनके गुरु को अखाड़े से निष्कासित कर दिया गया। इसके बाद बिचौलियों के माध्यम से समझौते का दबाव बनाया गया। उन्होंने कहा कि इन आरोपों के खिलाफ उन्होंने एक करोड़ रुपये की मानहानि का नोटिस अधिवक्ता के माध्यम से अखाड़े के पदाधिकारियों को भेजा, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है।


उन्होंने कहा कि अखाड़े द्वारा लगाए गए सभी आरोप झूठे और दुर्भावनापूर्ण हैं। उनका कहना है कि उन्होंने कभी जूना अखाड़े में नागा दीक्षा नहीं ली और न ही उसकी सदस्यता प्राप्त की। वर्ष 2007 में प्रयागराज में संतों द्वारा उन्हें महामंडलेश्वर के रूप में सम्मानित किया गया था, इसलिए जूना अखाड़े को उनके निष्कासन का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज द्वारा उनका अभिषेक किया गया था, जिसे कोई अन्य पदाधिकारी निरस्त नहीं कर सकता।
स्वामी प्रबोधानंद गिरि ने आरोप लगाया कि अखाड़े द्वारा उनसे लाखों रुपये की धनराशि ली गई, जिसका उपयोग नशे जैसे कार्यों में किया गया। उन्होंने कहा कि अखाड़े को वह राशि ससम्मान लौटानी चाहिए, अन्यथा वह न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने जूना अखाड़े के हरि गिरी, मोहन भारती, प्रेम गिरी और नारायण गिरी पर आरोप लगाते हुए उनके पंक्ति-पत्तल बहिष्कार की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अखाड़े में अनैतिक गतिविधियों और नशे से जुड़े कार्यों के लिए महामंडलेश्वरों से अवैध रूप से धन मांगा जाता है। साथ ही कुंभ मेले के दौरान कुछ लोगों को अस्थायी रूप से नागा साधु बनाकर प्रस्तुत किए जाने का भी उन्होंने विरोध किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि अखाड़े में कुछ लोगों ने इसे व्यापार और उगाही का माध्यम बना दिया है तथा अखाड़े की आय-व्यय की पारदर्शिता नहीं है। स्वामी प्रबोधानंद गिरि ने मांग की कि अखाड़े की आय-व्यय का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोगों की इस्लामिक जिहादियों से सांठगांठ है और इससे उनकी जान को खतरा हो सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि संबंधित लोगों की अवैध संपत्ति और गतिविधियों की विशेष जांच एजेंसी से जांच कराई जाए तथा उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
स्वामी प्रबोधानंद गिरि ने कहा कि वह जीवनभर सनातन धर्म, गौसेवा और संत समाज की सेवा के लिए कार्य करते रहेंगे और देशभर में धर्म जागरण का अभियान जारी रखेंगे।
इस दौरान स्वामी सत्यव्रतानंद सरस्वती, स्वामी ओमानंद, प्रकाशानंद सरस्वती, वीरेन्द्र स्वरूप, प्रज्ञानंद गिरि, लक्की वर्मा, अमित वर्मा और लक्की राठौर सहित कई लोग मौजूद रहे।

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