हरिद्वार(कमल शर्मा) श्यामपुर कांगड़ी गाजीवाला स्थित बालाजी धाम में प्रातः स्मरणीय गुरु भगवान महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद महाराज के पावन सानिध्य में गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ धूमधाम से संपन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में नमन कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा गुरु महिमा का गुणगान किया।

अपने प्रेरणादायी संबोधन में स्वामी प्रबोधानंद महाराज ने गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि गुरु ही जीवन को सत्य, धर्म और आत्मज्ञान का मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से सनातन संस्कृति के आदर्शों पर चलने तथा समाज में प्रेम, सद्भाव और राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान स्वामी जी ने हाल ही में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं श्री मां मनसा देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी जी महाराज को मिली जान से मारने की धमकी पर भी कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने इसे संत समाज और सनातन संस्कृति के विरुद्ध सुनियोजित षड्यंत्र बताते हुए कहा कि ऐसे तत्वों के विरुद्ध प्रशासन को कठोर कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “सनातन धर्म और हमारे पूज्य संतों पर किसी भी प्रकार का प्रहार किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।”
स्वामी प्रबोधानंद महाराज ने संत समाज में एकता पर बल देते हुए अखाड़ा परिषद की दो अलग-अलग इकाइयों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सभी संतों से मतभेद भुलाकर एक मंच पर आने का आह्वान किया और अखाड़ा परिषद को पुनः एकजुट करने की आवश्यकता बताई, जिससे सनातन धर्म की शक्ति, अखंडता और गौरव और अधिक सुदृढ़ हो सके।
गुरु पूर्णिमा महोत्सव के दौरान भजन-कीर्तन, गुरु पूजन और आशीर्वचन का दिव्य वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में श्रद्धा-सुमन अर्पित कर देश, धर्म और समाज की उन्नति की कामना की। कार्यक्रम के समापन पर सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर गुरु कृपा का आशीर्वाद प्राप्त किया।










