श्री गुरु पादुका पूजन, महाप्रसाद भंडारे और वैवाहिक वर्षगांठ समारोह में उमड़ा श्रद्धा व उत्साह का जनसैलाब
हरिद्वार (कमल शर्मा)।
गुरु पूर्णिमा एवं व्यास पूजा के पावन अवसर पर भगवान श्री पातालेश्वर महादेव मंदिर परिसर में पूज्यपाद म.मं. श्री 1008 स्वामी गिरिधरगिरि जी महाराज के सानिध्य में भव्य धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ। प्रातःकाल सामूहिक श्री गुरु पादुका पूजन, अभिषेक, गुरु प्रतिमा पूजन, आरती एवं पुष्पांजलि के साथ श्रद्धालुओं ने अपने गुरुजनों के प्रति श्रद्धा और समर्पण व्यक्त किया। इसके उपरांत महाराज श्री के आशीर्वचनों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को धर्म, संस्कार और गुरु भक्ति का संदेश दिया।

इस अवसर पर आयोजित महाप्रसाद भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। कार्यक्रम के दौरान श्रीमती एवं श्री निर्मल गोयल ने अपनी 48वीं वैवाहिक वर्षगांठ के उपलक्ष्य में श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण कराया। महाराज श्री की पावन उपस्थिति में दोनों ने एक-दूसरे को पुनः वरमाला पहनाकर अपने वैवाहिक जीवन के 48 वर्ष पूर्ण होने की खुशी मनाई। इस भावपूर्ण क्षण का उपस्थित श्रद्धालुओं ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया।

म.मं. श्री 1008 स्वामी गिरिधरगिरि जी महाराज ने कहा कि “गुरु पूर्णिमा केवल गुरु पूजन का पर्व नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, संस्कार और सनातन परंपरा के प्रति समर्पण का महापर्व है। परिवार और समाज में प्रेम, विश्वास और धर्म का पालन ही जीवन को सार्थक बनाता है। निर्मल गोयल दंपति का 48 वर्षों का वैवाहिक जीवन नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है।”
वहीं श्री निर्मल गोयल ने कहा कि “हम अपने वैवाहिक जीवन के 48 वर्ष पूर्ण होने पर स्वयं को अत्यंत सौभाग्यशाली मानते हैं। गुरुदेव के आशीर्वाद से ही जीवन में सुख, शांति और पारिवारिक एकता बनी रही। आज गुरु पूर्णिमा जैसे पावन अवसर पर प्रसाद वितरण कर हमें आत्मिक संतोष की अनुभूति हुई।”
पूरे आयोजन में गुरु भक्ति, आध्यात्मिक ऊर्जा और सनातन संस्कृति की दिव्य छटा देखने को मिली। श्रद्धालुओं ने गुरुदेव के श्रीचरणों में नमन कर जीवन में धर्म, सेवा और सदाचार के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।










