🔴लक्सर क्षेत्र के ग्राम ब्रह्मपुर में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ उपजाऊ कृषि भूमि के बीचोंबीच प्रशासन की अनुमति से कथित रूप से “तालाब निर्माण” के नाम पर बड़ा खेल चल रहा है। आरोप है कि बाणगंगा के बीच स्थित इस भूमि में 60 से 70 फीट गहरे गड्ढे खोदकर मिट्टी और खनिज सामग्री निकाली जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि निकाली गई सामग्री को सीधे ‘लिमरा स्टोन क्रेशर’ तक पहुंचाया जा रहा है, जहाँ से कमीशन का खेल चलने का भी आरोप लगाया जा रहा है। इस पूरे प्रकरण में खनन विभाग के अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि जनपद हरिद्वार में तालाब निर्माण के नाम पर कई खनन पट्टे दिए गए हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत नजर आती है। न तो कहीं वास्तविक तालाब निर्माण हुआ है और न ही मत्स्य पालन जैसी कोई गतिविधि देखने को मिल रही है। इससे यह आशंका और गहरा रही है कि तालाब की आड़ में अवैध खनन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, जिलाधिकारी को इस पूरे मामले की जानकारी दी जा चुकी है। साथ ही, उच्च न्यायालय के आदेशों का हवाला देते हुए चेतावनी दी गई है कि यदि इस कार्य को तत्काल प्रभाव से नहीं रोका गया और संबंधित पट्टों को निरस्त नहीं किया गया, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय ग्रामीणों में इस मुद्दे को लेकर भारी रोष व्याप्त है और वे प्रशासन से निष्पक्ष जांच व सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस गंभीर आरोप पर क्या कदम उठाता है।
“तालाब के नाम पर खेल! बाणगंगा किनारे उपजाऊ जमीन में अवैध खनन का बड़ा आरोप”




