सलेमपुर की 110 बीघा सरकारी भूमि को लेकर कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, भू-माफियाओं पर कार्रवाई की उठाई मांग
पृथ्वीराज चौहान चौक पर गरजे कांग्रेस नेता, टिहरी विस्थापितों की जमीन सुरक्षित करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग
बहादराबाद (कमल शर्मा)। सलेमपुर में टिहरी विस्थापितों से जुड़ी करीब 110 बीघा सरकारी भूमि पर कथित कब्जे के प्रयास के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बहादराबाद स्थित पृथ्वीराज चौहान चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार और स्थानीय प्रशासन को घेरते हुए सरकारी जमीन को भू-माफियाओं के कब्जे से सुरक्षित रखने की मांग उठाई।
प्रदर्शन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। नेताओं ने कहा कि सरकारी भूमि किसी व्यक्ति विशेष की संपत्ति नहीं, बल्कि जनता की धरोहर है। टिहरी विस्थापितों के हितों से जुड़ी जमीन पर यदि कब्जे का प्रयास हो रहा है तो यह बेहद गंभीर विषय है। सरकार और प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप कर भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष बालेश्वर सिंह ने कहा कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता की संपत्ति और विस्थापितों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी। प्रशासन को मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता, विश्व दलित परिषद के प्रदेश अध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन वैलफेयर फाउंडेशन प्रियव्रत ने कहा कि प्रदेश में सरकारी संपत्तियों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। सलेमपुर की 110 बीघा भूमि का मामला भी बेहद संवेदनशील है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो सरकारी जमीन पर कब्जे की आशंका और बढ़ सकती है।
विश्व दलित परिषद के प्रदेश अध्यक्ष तेलूराम ने कहा कि जमीन से जुड़े मामलों में गरीबों, वंचितों और विस्थापितों के अधिकारों का संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। वहीं भारतीय किसान यूनियन वेलफेयर फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने भी सरकारी भूमि को सुरक्षित रखने की मांग करते हुए कहा कि जमीन की सुरक्षा के मामले में प्रशासन को जवाबदेही तय करनी चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांग की कि 110 बीघा भूमि की पैमाइश कराकर उसकी कानूनी स्थिति सार्वजनिक की जाए तथा कथित अवैध कब्जे के प्रयासों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई केवल जमीन की नहीं, बल्कि सरकारी संपत्ति और टिहरी विस्थापितों के अधिकारों की रक्षा की लड़ाई है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर आंदोलन को और व्यापक रूप देगी।













