मसूरी विधानसभा में डॉ. सुनीता बौड़ाई विद्यार्थी ने ठोकी दावेदारी, भाजपा से टिकट की प्रबल दावेदार के रूप में उभरा नाम

उच्च शिक्षा, तकनीकी विशेषज्ञता और संगठनात्मक अनुभव के साथ मसूरी विधानसभा में सक्रिय भूमिका निभाने की तैयारी; पार्टी नेतृत्व और क्षेत्रीय जनता से मांगा आशीर्वाद


मसूरी(कमल शर्मा)उत्तराखंड की मसूरी विधानसभा सीट को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। इसी बीच भाजपा की पूर्व प्रदेश प्रवक्ता डॉ. सुनीता बौड़ाई विद्यार्थी ने अपनी राजनीतिक सक्रियता और संगठनात्मक अनुभव के दम पर मसूरी विधानसभा से अपनी दावेदारी को लेकर राजनीतिक संकेत दे दिए हैं। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व, संगठन के पदाधिकारियों और क्षेत्र की जनता से आशीर्वाद एवं सहयोग की अपील की है। उनकी दावेदारी को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
डॉ. सुनीता बौड़ाई विद्यार्थी की पहचान केवल एक राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में ही नहीं, बल्कि उच्च शिक्षित, तकनीकी विशेषज्ञता रखने वाली और लंबे समय से संगठन तथा सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय महिला के रूप में भी रही है। भाजपा की पूर्व प्रदेश प्रवक्ता होने के साथ उन्होंने महिला मोर्चा, प्रदेश मीडिया टीम, चुनाव प्रबंधन और संगठन के विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया है।
जनसंघ परिवार से जुड़ी पारिवारिक पृष्ठभूमि
डॉ. सुनीता बौड़ाई विद्यार्थी की पारिवारिक पृष्ठभूमि भी राष्ट्रसेवा और राजनीतिक विचारधारा से जुड़ी रही है। उनके ससुराल पक्ष का संबंध जनसंघ परिवार से रहा है। वह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की पौत्रवधू और राज्य आंदोलनकारी की पुत्रवधू हैं। वहीं मायके पक्ष से वह सैनिक की पुत्री और सैनिक की पौत्री हैं। उनका कहना है कि राष्ट्रसेवा, अनुशासन और समाज के प्रति समर्पण के संस्कार उन्हें परिवार से मिले हैं।
उच्च शिक्षा और तकनीकी विशेषज्ञता बनी अलग पहचान
शैक्षिक क्षेत्र में भी डॉ. सुनीता बौड़ाई विद्यार्थी की मजबूत पृष्ठभूमि रही है। उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा, एटीआई तथा बीटेक की शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद एनआईटी कुरुक्षेत्र से कंट्रोल सिस्टम में एमटेक और रिन्यूएबल एनर्जी एवं सोलर एनर्जी में एमटेक किया। उन्होंने अमेरिका की मैरीलैंड स्टेट यूनिवर्सिटी से मानद पीएचडी प्राप्त करने का भी उल्लेख किया है। वर्तमान में वह एनआईटी उत्तराखंड में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विषय में पीएचडी शोधार्थी हैं तथा यूकॉस्ट की सरकार द्वारा वित्तपोषित एआई आधारित व्हीलचेयर परियोजना में प्रोजेक्ट फेलो के रूप में भी कार्य कर चुकी हैं।
भाजपा संगठन में निभाए कई महत्वपूर्ण दायित्व
डॉ. सुनीता का संगठनात्मक सफर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़कर शुरू हुआ। वर्ष 1991-93 में साक्षरता अभियान में समन्वयक के रूप में कार्य करने के बाद उन्होंने सामाजिक और राष्ट्रवादी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई। भाजपा कार्यकर्ता के रूप में उन्होंने संगठनात्मक कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रदेश महिला मोर्चा में कार्यक्रम संयोजक, हरिद्वार और चमोली की प्रभारी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, प्रदेश मीडिया टीम की पैनलिस्ट, यमकेश्वर विधानसभा की सह-प्रभारी तथा चुनाव प्रबंधन में मीडिया को-ऑर्डिनेटर एवं वार रूम से जुड़ी जिम्मेदारियां निभाईं। इसके बाद उन्हें भाजपा प्रदेश प्रवक्ता की जिम्मेदारी भी मिली।
‘सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम में पौड़ी जिले में सक्रिय सहभागिता के साथ उन्होंने ‘मेरी माटी मेरा देश’ अभियान के तहत 56 शहीदों के घरों से मिट्टी एकत्रित कर कलश दिल्ली रवाना करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
डॉ. सुनीता बौड़ाई विद्यार्थी का बयान
डॉ. सुनीता बौड़ाई विद्यार्थी ने कहा कि राजनीति उनके लिए केवल पद अथवा चुनाव लड़ने का माध्यम नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और राष्ट्र प्रथम की भावना से समाज के लिए कार्य करने का अवसर है। उन्होंने कहा, “मुझे अपने परिवार से राष्ट्रसेवा, अनुशासन और समाज के प्रति समर्पण के संस्कार मिले हैं। संगठन में रहते हुए मैंने हमेशा पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है। भाजपा की विचारधारा और संगठन मेरे लिए सर्वोपरि हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “मसूरी विधानसभा क्षेत्र से जनसेवा के संकल्प के साथ आगे बढ़ने की इच्छा रखती हूं। यदि पार्टी नेतृत्व मुझे जनता की सेवा करने का अवसर प्रदान करता है तो मैं शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के रोजगार, पर्यटन, स्थानीय व्यापारियों और क्षेत्र के समग्र विकास को प्राथमिकता देते हुए पूरी निष्ठा से कार्य करूंगी। मैं पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, संगठन के पदाधिकारियों और मसूरी विधानसभा की देवतुल्य जनता से अपना आशीर्वाद एवं सहयोग देने की विनम्र अपील करती हूं।”
मसूरी की राजनीति में बढ़ सकती है दावेदारी की चर्चा
डॉ. सुनीता बौड़ाई विद्यार्थी की शैक्षिक योग्यता, पारिवारिक पृष्ठभूमि, महिला नेतृत्व और भाजपा संगठन में निभाई गई जिम्मेदारियां उनकी राजनीतिक दावेदारी के प्रमुख आधार माने जा रहे हैं। अब देखना होगा कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व मसूरी विधानसभा को लेकर आगामी राजनीतिक समीकरणों में उनके अनुभव और दावेदारी को कितना महत्व देता है। फिलहाल उनकी सक्रियता ने मसूरी की सियासत में एक नई चर्चा जरूर छेड़ दी है।

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